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एसएन मेडिकल काॅलेज में हादसा: इमरजेंसी में बच्चे के सिर पर गिरा छत का प्लास्टर, मची चीखपुकार; हंगामा

Fri, 21 Aug 2026 10:06 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

छत से प्लास्टर गिरने से चोटिल हुए बच्चे को हालत गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती कर दिया है। इसकी जानकारी पर शाम करीब पांच बजे सामाजिक कार्यकर्ता बाल योगी इमरजेंसी पहुंचे। हंगामा करते हुए धरना दिया। उन्होंने मरम्मत के नाम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया।
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एसएन मेडिकल काॅलेज में छत से गिरा प्लास्टर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के वार्ड में भर्ती बच्चे के सिर पर छत से प्लास्टर गिरने से सिर में चोट लग गई। आनन-फानन में बच्चे को आईसीयू में भर्ती कर सीटी स्कैन कराया। वार्ड को भी तत्काल खाली कराते हुए विभाग में शिफ्ट कर दिया है। घटना पर सामाजिक कार्यकर्ता बाल योगी ने हंगामा किया। धरना देते हुए मरम्मत और निर्माण कार्य में धांधली का आरोप लगाया है।
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इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में 15 बच्चे भर्ती थे। दोपहर करीब दो बजे दीवार से एक फीट की चौड़ाई का प्लास्टर गिर गया। इसके नीचे नसीराबाद खंदारी निवासी आमिर खान का 10 साल के बेटा उमेर भर्ती था। इसे गंभीर निमोनिया की परेशानी है। दो दिन पहले इसे भर्ती किया गया था। प्लास्टर इसके सिर और गर्दन पर गिरा, जिससे उसके चोट लग गई। इससे परिजन घबरा गए और चीखने लगे। इससे वार्ड में भर्ती बच्चों के परिजन भी दहशत में आ गए। इसकी जानकारी प्राचार्य और एसआईसी को दी। 
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इस पर तत्काल इमरजेंसी के पीछे बने बाल रोग विभाग में एंबुलेंस से बच्चों को शिफ्ट कर दिया। उमेर के सिर में चोट लगने पर उसकी सीटी स्कैन भी कराया। हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती कर दिया है। इसकी जानकारी पर शाम करीब पांच बजे सामाजिक कार्यकर्ता बाल योगी इमरजेंसी पहुंचे। हंगामा करते हुए धरना दिया। उन्होंने मरम्मत के नाम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। हंगामा की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। बाल योगी का कहना है कि इमारत की कई बार मरम्मत की गई है, लेकिन इसमें नेताओं की मिलीभगत से बजट का बंदरबांट हो रहा है। बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

1980 की इमारत, कई बार हो चुकी है मरम्मत
इमरजेंसी की इमारत 1980 में बनी है। इसमें 2044, 2014 और 2018 में भी मरम्मत कार्य किया गया। ये भवन कई जगह से जर्जर भी हो चुका है। टाइल्स भी उखड़ गई हैं। ऐसे में मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

 

मीडिया को रोकने के लिए गार्ड किए तैनात
प्लास्टर गिरने की घटना पर मीडिया को भी कवरेज करने से रोका गया। बच्चा वार्ड में गार्ड तैनात कर दिए हैं। किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। फोटो भी नहीं करने दिए। गार्ड का कहना था कि मीडिया को अंदर नहीं आने और फोटो न करने के लिए सुपरवाइजर और कॉलेज प्रशासन ने मनाही की है।

प्लास्टर गिरने से तत्काल बच्चे को गोद में उठाया
बच्चा वार्ड में एत्माउदौला निवासी राजा खान ने बताया कि उनका बेटा भी इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में भर्ती था। इसे दर्द की परेशानी है। प्लास्टर के बगल वाले बेड पर बेटा था। प्लास्टर गिरने से तेज आवाज आने से वह सहम गए। तत्काल बच्चे को गोद में लिया। इसके बाद एंबुलेंस से अंदर शिफ्ट कर दिया।

 
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बाल रोग विभाग का भी गिरा प्लास्टर
इमरजेंसी के पीछे बने बाल रोग विभाग के वार्ड में भी रात को प्लास्टर गिर गया। बेड इससे दूर होने के कारण हादसा बच गया। ये भवन भी पूरी तरह से जर्जर है। यहां आए दिन प्लास्टर गिरता रहता है।

सीटी स्कैन में नहीं मिली अंदरूनी चोट
प्लास्टर के कुछ टुकड़े बच्चे पर गिर गए थे, इस पर सीटी स्कैन कराया है। किसी तरह की अंदरूनी चोट नहीं लगी है। बच्चा गंभीर निमोनिया और मस्तिष्क संबंधी बीमारी के इलाज के लिए भर्ती हुआ था। आईसीयू में भर्ती कर इलाज करा रहे हैं। वार्ड की मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है। एहतियातन बच्चों को शिफ्ट किया है। -डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य

 
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