एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में छत का प्लास्टर 10 वर्षीय उमेर के सिर और गर्दन पर गिर गया। गंभीर हालत में उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद वार्ड में भर्ती सभी बच्चों को तत्काल बाल रोग विभाग में शिफ्ट किया गया। अस्पताल के दूसरे वार्ड में भी प्लास्टर गिरने की घटना सामने आई, जिससे जर्जर भवनों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी के आईसीयू में भर्ती 10 साल के उमेर ने तड़के दम तोड़ दिया। इसी बच्चे के सिर पर बीते दिन इमरजेंसी में छत से प्लास्टर गिर गया था। मौत की जानकारी पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा किया। पुलिस और सुरक्षा गार्ड से नोकझोंक भी हुई। सपा नेताओं ने प्लास्टर गिरने से मौत का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की। कॉलेज प्रशासन ने इसे निमोनिया और जन्मजात बीमारी को वजह बताया है।
खंदारी के नसीराबाद निवासी आमिर रिजवी डीवीवीएनएल में एई के पद पर तैनात हैं। इनके दो बेटे हैं, जिसमें बड़े बेटे 10 साल के बच्चे उमेर को बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर 19 अगस्त को इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया। यहां शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे प्लास्टर सिर पर गिरने से चोट लग गई। इस पर इसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया।
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शनिवार की सुबह 6 बजे मौत हो गई। परिजन शव को परिजन लेकर चले गए। ये अलीगढ़ के मूल निवासी हैं और खंदारी पर किराए पर रहते हैं। अलीगढ़ जाकर बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया है। बच्चे की मौत पर समाजवादी पार्टी ने लापरवाही बताया है। बच्चे के पिता आमिर रिजवी से फोन पर बात कर पूछा कि मौत की वजह क्या प्लास्टर गिरना है या फिर बीमारी है। इस पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे इस संदर्भ में कोई बात नहीं करना चाहते हैं।
प्राचार्य कार्यालय का घेराव, कार्यकर्ता-गार्ड में धक्कामुक्की
बच्चे की मौत की जानकारी पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कार्यालय का घेराव किया। हंगामा करते हुए नारेबाजी की। प्राचार्य कार्यालय में घुसने पर सुरक्षा गार्ड ने उनको रोका। इस पर दोनों पक्षों में धक्कामुक्की और नोकझोंक होने लगी। गार्ड ने गेट बंद कर लिया, जिसे खुलवाने के लिए कार्यकर्ता जद्दोजहद करने लगे। पुलिस भी पहुंच गई। उन्होंने महानगर अध्यक्ष को ही प्राचार्य से मिलने के लिए भेजा। प्रदर्शन में नरेंद्र सिंह धाकड़, पुष्पेंद्र शर्मा, मनोज गुप्ता, प्रमोद यादव, राहुल चौधरी, नरेंद्र सिंह नंद, चौधरी फरहान, जमील खान आदि मौजूद रहे।
झूठी बनाई रिपोर्ट, मिले 50 लाख का मुआवजा
सपा के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास का कहना है कि मुलाकात में प्राचार्य ने बच्चे की मौत की वजह निमोनिया और अन्य वजह बताई है। इसकी सीटी स्कैन, एक्सरे समेत अन्य जांच भी दिखाई हैं। ऐसे में ये झूठी रिपोर्ट हैं, जहां जांच कराने के लिए महीने भर की तारीख मिलती है, वहां तत्काल सभी जांच करा दीं। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने, परिजन को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने समेत पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा है। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा, इसकी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को भी भेजी है।
गंभीर निमोनिया से हुई मौत
बच्चे को गंभीर निमोनिया था, खून की भी कमी थी। पांच महीने की उम्र से ही सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी से पीड़ित था। इसका पूर्व में एम्स में भी इलाज चला था। इमरजेंसी में हाईफ्लो ऑक्सीजन पर था। प्लास्टर से मामूली चोट लगी। एहतियातन सीटी समेत अन्य जांच प्राथमिकता से कीं। विशेषज्ञों की टीम ने इलाज किया। पोस्टमार्टम के लिए परिजनों ने मनाही की। मौत की वजह उसकी बीमारी रही। इस बाबत परिजन ने लिखकर भी दिया है। -डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य
एसएन के भवनों का होगा ऑडिट
इमरजेंसी में प्लास्टर गिरने के बाद छत की मरम्मत कर दी है। अभी यहां बच्चे भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। इनके लिए बाल रोग विभाग में अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। ऐसे हादसों से बचने के लिए एसएन की सभी भवनों का सुरक्षा ऑडिट कराया जा रहा है।