आज के इस डिजिटल दौर में भले ही ऑनलाइन पेमेंट का चलन बढ़ा है लेकिन साथ ही साथ कैश का इस्तेमाल भी बड़े पैमाने पर देशभर में होता है। हालांकि, कैश रखने के साथ एक बड़ा घाटा यह है कि पसीने, बारिश या पानी गिरने से कई बार यह गल या फट जाता है। इसके अलावा समय के साथ-साथ ये नोट खराब भी हो जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए कई देशों में प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल किया जाता है।
वहीं भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 10 और 20 रुपये के पॉलीमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल को लेकर मंजूरी दे दी है। एक बार जब यह फील्ड ट्रायल सफल हो जाएगा, उसके बाद 10 औ 20 रुपये के पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे। हालांकि, सरकार ने इस बारे में बताया है कि पॉलीमर नोट जारी किए जाने का मतलब यह नहीं है कि कागजी मुद्रा का अंत हो जाएगा। ये मौजूदा कागजी नोट के साथ साथ चलन में आएंगे।