भारतीय महिला पहलवान काजल ढोचक ने अंडर-20 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 76 किलोग्राम भारवर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। काजल ने फाइनल में चीन की जिंगरू सन को 7-0 से हराकर विश्व खिताब जीता। इसके साथ ही वह लगातार दूसरी बार अंडर-20 विश्व चैंपियन बनने वाली भारत की चुनिंदा महिला पहलवानों में शामिल हो गई हैं। महिलाओं की स्पर्धा के इस शानदार दिन भारत ने दो और पदक हासिल किए। तनु शर्मा और सविता ने अपने-अपने वर्ग में रजत पदक जीतकर भारतीय पदकों की संख्या में इजाफा किया।
बिना एक भी अंक गंवाए बनीं चैंपियन
- 18 वर्षीय काजल ने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा और किसी भी मुकाबले में एक भी अंक नहीं गंवाया। फाइनल में भी उन्होंने चीन की जिंगरू सन को शुरुआत से ही दबाव में रखा और अंत तक अपनी बढ़त कायम रखते हुए 7-0 से मुकाबला अपने नाम किया।
- काजल ने फाइनल में शुरुआत में ही 'स्टेप-आउट' के जरिए एक अंक हासिल किया। इसके बाद 'डबल-लेग अटैक' से टेकडाउन करते हुए दो और अंक जुटाए और पहले पीरियड की समाप्ति तक 3-0 की बढ़त बना ली।
- दूसरे पीरियड में सन को 'ओपन हैंड्स' के लिए चेतावनी मिली, जिससे काजल के खाते में एक और अंक जुड़ गया। इसके बाद काजल ने लगातार आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने सन को मैट से बाहर धकेलते हुए एक और अंक हासिल किया और फिर टेकडाउन के जरिए अपनी बढ़त 7-0 कर दी। यही मुकाबले का अंतिम स्कोर रहा।
लगातार दूसरी बार अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन
काजल के लिए यह लगातार दूसरा अंडर-20 विश्व खिताब है। उन्होंने 2025 में 72 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। इस साल उन्होंने अपना भारवर्ग बदलते हुए 76 किलोग्राम में चुनौती पेश की और यहां भी चैंपियन बनने में सफल रहीं। काजल के शानदार रिकॉर्ड में 2024 अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप का 69 किलोग्राम वर्ग का खिताब भी शामिल है। इस जीत के साथ वह अंडर-20 स्तर पर दो बार विश्व चैंपियन बनने वाली भारत की दूसरी महिला पहलवान बन गई हैं।
2026 में लगातार पांचवां गोल्ड
काजल का 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी है। अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतना इस साल उनका लगातार पांचवां स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप, उलानबटार रैंकिंग सीरीज, अंडर-20 एशियन चैंपियनशिप और बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में गोल्ड मेडल जीता था। हालांकि, तिराना रैंकिंग सीरीज और एशियन चैंपियनशिप में वह सातवें स्थान पर रही थीं।
जापान की पहलवान को पिन से हराकर की शुरुआत
काजल ने टूर्नामेंट की शुरुआत जापान की मियू ताकायामा के खिलाफ की। उन्होंने मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी को पिन कर दिया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में काजल ने तुर्की की एल्मिरा यासिन को 14-0 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उनका सामना अमेरिका की पाइपर फाउलर से हुआ, जहां भारतीय पहलवान ने 6-0 की शानदार जीत दर्ज करते हुए फाइनल का टिकट कटाया।
फाइनल में भी काजल ने अपने आक्रामक खेल को जारी रखा और चीन की जिंगरू सन को 7-0 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। काजल की यह उपलब्धि भारतीय महिला कुश्ती के लिए भी खास है। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने अलग-अलग आयु वर्गों और भारवर्गों में लगातार अंतरराष्ट्रीय सफलता हासिल कर अपनी पहचान देश की उभरती हुई स्टार पहलवान के रूप में मजबूत कर ली है।