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Javelin: रोम डायमंड लीग में श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे का धमाका, 92.62 मीटर भाला फेंककर रचा इतिहास

Fri, 05 Jun 2026 06:18 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

श्रीलंका के स्टार जेवलिन थ्रोअर रुमेश थरंगा पथिरगे ने रोम डायमंड लीग में इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 92.62 मीटर दूर भाला फेंका और नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 
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रुमेश पाथिरागे - फोटो : IANS
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विस्तार
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एशियाई भाला फेंक में अब सिर्फ नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की चर्चा नहीं होगी। श्रीलंका के 23 वर्षीय रुमेश थरंगा पाथिरागे ने रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो कर खेल जगत को चौंका दिया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ उन्होंने नीरज चोपड़ा के करियर बेस्ट 90.23 मीटर को पीछे छोड़ते हुए एशिया का दूसरा सबसे लंबा थ्रो दर्ज किया। अब कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स से पहले नीरज और अरशद के लिए एक नई और बड़ी चुनौती सामने खड़ी हो गई है।
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दमदार प्रदर्शन से दिग्गजों को छोड़ा पीछे
  • रोम डायमंड लीग के फाइनल में पाथिरागे ने 10 खिलाड़ियों के मजबूत मैदान को पूरी तरह पछाड़ दिया।
  • रुमेश पाथिरागे (श्रीलंका) - 92.62 मीटर
  • एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा) - 83.91 मीटर
  • कर्टिस थॉम्पसन (अमेरिका) - 83.89 मीटर
  • केशोर्न वालकॉट (त्रिनिदाद एवं टोबैगो) - 83.45 मीटर
  • भारतीय एथलीट सचिन यादव अपने डायमंड लीग डेब्यू में केवल 79.18 मीटर का थ्रो कर आठवें स्थान पर रहे।

एशिया के इतिहास में दूसरा सर्वश्रेष्ठ थ्रो
  • 92.62 मीटर का यह प्रयास कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। 
  • 90 मीटर क्लब में प्रवेश करने वाले एशिया के चौथे खिलाड़ी बने।
  • विश्व इतिहास में 90 मीटर से अधिक थ्रो करने वाले 28वें खिलाड़ी बने।
  • चीन ताइपे के चाओ-त्सुन चेंग (91.36 मीटर) और भारत के नीरज चोपड़ा (90.23 मीटर) को पीछे छोड़ दिया।
  • यह विश्व एथलेटिक्स इतिहास का आठवां सबसे लंबा थ्रो भी है।

दो साल में जबरदस्त सुधार
  • पाथिरागे की प्रगति बेहद तेज रही है।
  • 2023-76.45 मीटर
  • 2024-85.45 मीटर
  • 2025-86.50 मीटर
  • 2026-92.62 मीटर
  • मार्च 2026 में उन्होंने घरेलू प्रतियोगिता में 89.37 मीटर का थ्रो कर सीजन का विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जिसे अब रोम में और बेहतर कर दिया।

पहले क्रिकेटर बनना चाहते थे पाथिरागे
रुमेश पाथिरागे की कहानी भी काफी दिलचस्प है। बचपन में उनका सपना श्रीलंका के लिए क्रिकेट खेलना था। वे तेज गेंदबाज बनना चाहते थे और अंडर-18 स्तर पर 134 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे। 2019 में आयोजित राष्ट्रीय फास्ट बॉलिंग टैलेंट हंट में वे अपनी श्रेणी में दूसरे सबसे तेज गेंदबाज रहे थे। हालांकि बाद में उन्होंने व्यक्तिगत खेलों की ओर रुख किया और अपने पिता के मार्गदर्शन में थ्रोइंग इवेंट्स अपनाए। 2017 से उन्होंने पूरी तरह भाला फेंक पर ध्यान केंद्रित किया।

भारत से भी रहा है खास रिश्ता
  • पाथिरागे पिछले कुछ वर्षों में कई बार भारत में प्रतियोगिताएं खेल चुके हैं।
  • 2024 में पंचकूला में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लिया।
  • 2025 में रांची में दक्षिण एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 84.29 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता।
  • भुवनेश्वर में आयोजित इंडियन ओपन वर्ल्ड एथलेटिक्स ब्रॉन्ज लेवल कॉन्टिनेंटल टूर में 86.50 मीटर के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया।
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नीरज चोपड़ा - फोटो : PTI
नीरज और पाथिरागे का रिकॉर्ड बराबरी पर
  • अब तक नीरज चोपड़ा और रुमेश पाथिरागे दो बार आमने-सामने आ चुके हैं।
  • जून 2025 में बेंगलुरु में आयोजित एनसी क्लासिक में नीरज ने स्वर्ण पदक जीता था।
  • टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में पाथिरागे सातवें जबकि नीरज चौथे स्थान पर रहे थे।
  • दोनों खिलाड़ियों के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड फिलहाल 1-1 से बराबर है।
कब होगा अगला नीरज बनाम रुमेश मुकाबला?
नीरज चोपड़ा फिलहाल स्विट्जरलैंड में चोट से उबरने के बाद प्रशिक्षण कर रहे हैं और उन्होंने अभी अपने सीजन की पहली प्रतियोगिता की घोषणा नहीं की है। वहीं पाथिरागे 16 जून को चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में गोल्डन स्पाइक मीट और उसके बाद डायमंड लीग में हिस्सा लेने वाले हैं। इसके अलावा दोनों खिलाड़ियों की भिड़ंत इस साल होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में देखने को मिल सकती है। यदि अरशद नदीम भी इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं तो एशियाई भाला फेंक में स्वर्ण पदक की जंग बेहद रोमांचक होने वाली है।

एशियाई भाला फेंक में नई चुनौती
नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम के दबदबे के बीच रुमेश पाथिरागे का उभार एशियाई एथलेटिक्स के लिए बड़ी खबर है। महज 23 साल की उम्र में 92.62 मीटर का थ्रो कर उन्होंने साबित कर दिया है कि आने वाले वर्षों में एशिया की जावेलिन प्रतिस्पर्धा अब त्रिकोणीय हो सकती है।
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