'कार्लसन से नहीं डरता, उनके खिलाफ खेलना पसंद है'
कार्लसन को दो बार हराने के बावजूद प्रज्ञानंद ने साफ कहा कि उनके मन में कभी भी विश्व नंबर-एक को लेकर डर नहीं रहा। उन्होंने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं कभी उनसे भयभीत हुआ। उनके खिलाफ खेलते समय मैं हमेशा ज्यादा उत्साहित महसूस करता हूं। इससे मेरा सर्वश्रेष्ठ खेल बाहर आता है। मुझे नहीं लगता कि उनकी मौजूदगी मेरे खेल को प्रभावित करती है। हमने कई संघर्षपूर्ण मुकाबले खेले हैं और मुझे उनके खिलाफ खेलना वास्तव में पसंद है।'
जीत से ज्यादा अहम थे तीन अंक
भारतीय ग्रैंडमास्टर ने कहा कि इस चरण में मिली जीत उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण थी क्योंकि क्लासिकल मुकाबले में जीतने पर तीन अंक मिलते हैं। उन्होंने कहा, 'किसी भी प्रारूप में उन्हें हराना अच्छा लगता है, लेकिन इस समय टूर्नामेंट में जीत हासिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण था, खासकर क्लासिकल मुकाबले में जहां तीन अंक मिलते हैं।'