हॉकी की दुनिया में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा से रोमांच, इतिहास और भावनाओं से भरा रहा है। बुधवार को एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में जब दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने होंगे, तो मुकाबले का महत्व और भी बढ़ जाएगा। नीदरलैंड के वेगनर हॉकी स्टेडियम में होने वाला यह पूल-डी मुकाबला तय करेगा कि कौन-सी टीम सेमीफाइनल की दौड़ में बनी रहेगी।
भारतीय हॉकी टीम
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भारत को ड्रॉ भी दिला सकता है सेमीफाइनल का टिकट
भारत फिलहाल पूल-डी में तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। टीम ने अपने अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से की थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, पाकिस्तान के खाते में दो मैचों से सिर्फ एक अंक है। उसने वेल्स के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ खेला था, जबकि इंग्लैंड ने उसे 4-1 से हराया था।
टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार, प्रत्येक पूल की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल की दौड़ में बनी रहेंगी, जबकि निचले स्थान पर रहने वाली दो टीमें क्लासिफिकेशन मैच खेलेंगी। इंग्लैंड अपने दोनों मुकाबले जीतकर शीर्ष दो में जगह लगभग पक्की कर चुका है। ऐसे में दूसरे स्थान के लिए भारत, पाकिस्तान और वेल्स के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण हो गया है। भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए कम से कम ड्रॉ की जरूरत है, जबकि पाकिस्तान और वेल्स के लिए जीत जरूरी है।
भारत बनाम पाकिस्तान
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10 साल से पाकिस्तान पर भारत का दबदबा
- भारत-पाकिस्तान मुकाबले की भावनात्मक अहमियत के साथ-साथ आंकड़े भी भारतीय टीम के पक्ष में हैं। 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों के फाइनल के बाद पिछले 10 वर्षों में दोनों टीमें 19 बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत ने 17 मुकाबले जीते हैं, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे हैं।
- यानी पाकिस्तान पिछले एक दशक से भारत को हराने में नाकाम रहा है। हालांकि, विश्व कप जैसे बड़े मंच पर इस पुराने रिकॉर्ड का दबाव दोनों टीमों पर अलग-अलग तरीके से रहेगा। भारत अपना दबदबा कायम रखना चाहेगा, जबकि पाकिस्तान इस सिलसिले को तोड़कर अपनी सेमीफाइनल उम्मीदों को जिंदा रखना चाहेगा।
कोच फुल्टन
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क्रेग फुल्टन बोले- राइवलरी हमेशा रहेगी
- भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने मुकाबले से पहले कहा कि भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता कभी खत्म नहीं होती और भारतीय टीम हर बार पाकिस्तान के खिलाफ जीतना चाहती है।
- फुल्टन ने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी कोचिंग और दीर्घकालिक योजना में सुधार के लिए निवेश बढ़ाया है। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखने, मौकों को गोल में बदलने और पाकिस्तान को आसान मौके नहीं देने की सलाह दी।
- उन्होंने कहा कि अगर भारत यह समझने में सफल रहता है कि पाकिस्तान किस क्षेत्र में मजबूत है और उसे रोकने के साथ अपने खेल पर ध्यान देता है, तो टीम के पास जीत का अच्छा मौका होगा।
कोच फुल्टन-कप्तान हरमनप्रीत
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हरमनप्रीत सिंह पर रहेंगी निगाहें
भारत की उम्मीदें कप्तान और स्टार ड्रैग-फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह पर भी टिकी होंगी। उन्होंने टूर्नामेंट के शुरुआती दो मुकाबलों में तीन गोल किए हैं और ये सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए हैं। हरमनप्रीत भारतीय आक्रमण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारतीय फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने अब तक मूवमेंट और मौके बनाने की क्षमता दिखाई है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ उन्हें फिनिशिंग में और धार दिखानी होगी। इस मुकाबले में मिलने वाला हर मौका निर्णायक साबित हो सकता है।
भारत बनाम पाकिस्तान
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पाकिस्तान के लिए करो या मरो का मुकाबला
- पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला लगभग करो या मरो की स्थिति वाला है। दो मैचों से सिर्फ एक अंक हासिल करने वाली टीम को सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
- यही दबाव पाकिस्तान को खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बना सकता है। भारत को जहां मुकाबले की भावनाओं और दबाव के बीच अनुशासन बनाए रखना होगा, वहीं पाकिस्तान के पास हालिया नतीजों की कहानी बदलने और विश्व कप अभियान को फिर से पटरी पर लाने का मौका होगा।
- भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता नहीं है। एक तरफ भारत की सेमीफाइनल में जगह पक्की करने की कोशिश होगी, तो दूसरी ओर पाकिस्तान के पास अपनी विश्व कप उम्मीदों को जिंदा रखने का आखिरी बड़ा मौका होगा। ऐसे में वैगनर स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक बनने की पूरी संभावना रखता है।