भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में तीसरा पदक जीतने का सपना शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में टूट गया। विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज भारतीय जोड़ी को चीन के तीसरे वरीयता प्राप्त लियांग वेई केंग और वांग चांग के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा।
सात्विक-चिराग
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चीन की जोड़ी ने दी मात
पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता वांग और लियांग ने सात्विक-चिराग को 36 मिनट तक चले मुकाबले में 18-21 9-21 से शिकस्त दी। भारतीय जोड़ी मुकाबले के दौरान अपनी लय और आक्रामकता बरकरार नहीं रख सकी और दूसरे गेम में पूरी तरह दबाव में नजर आई। सात्विक और चिराग ने इससे पहले 2022 और 2025 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते थे। ऐसे में इस बार भी पदक की उम्मीद के साथ उतरी भारतीय जोड़ी के लिए क्वार्टर फाइनल में मिली हार निराशाजनक रही।
त्रीसा-गायत्री
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त्रीसा-गायत्री ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का किया
- हालांकि, सात्विक-चिराग की हार के बावजूद भारत के लिए शुक्रवार का दिन पूरी तरह निराशाजनक नहीं रहा। महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शानदार वापसी करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर दिया।
- भारतीय जोड़ी ने चीन की जिया यी फान और झांग शू शियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराया। एक घंटे नौ मिनट चले इस मुकाबले में त्रीसा और गायत्री ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की और लगातार दो गेम जीतकर अंतिम चार में प्रवेश किया। चोट से उबरने के बाद वापसी कर रही त्रीसा और गायत्री की जोड़ी का यह प्रदर्शन खास रहा। दोनों खिलाड़ियों ने निर्णायक गेम में धैर्य बनाए रखा और मुकाबला अपने नाम किया।
- भारत ने महिला युगल में आखिरी बार 2011 विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता था। तब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने लंदन में कांस्य पदक अपने नाम किया था। ऐसे में त्रीसा और गायत्री के सेमीफाइनल में पहुंचने से इस स्पर्धा में भारत का लंबे समय से चला आ रहा पदक का इंतजार भी खत्म हुआ है।