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Ravidas Jayanti 2026: आज है रविदास जयंती, जानें इस दिन का महत्व और उनके अनमोल वचन

Sun, 01 Feb 2026 11:23 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Ravidas Jayanti: गुरु रविदास जी की जयंती हर साल माघ पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है और इस बार उनकी 649वीं जयंती मनाई जाएगी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विशेष उत्साह देखने को मिलता है, जहां श्रद्धालु गुरु रविदास जी की तस्वीरों के साथ जुलूस निकालते हैं।
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रविदास जयंती 2026 - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Guru Ravidas Jayanti 2026: रविदास जयंती 2026 को लेकर देशभर में जोर-शोर से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में इस अवसर पर विशेष उत्साह देखने को मिलता है, जहां संत रविदास जयंती बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। 15वीं शताब्दी के महान संत, समाज सुधारक और कवि गुरु रविदास जी ने अपना पूरा जीवन समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने और समानता का संदेश देने में समर्पित कर दिया। वे हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहते थे और मानते थे कि ईश्वर द्वारा बनाए गए सभी लोग, चाहे अमीर हों या गरीब, समान हैं।

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संत रविदास जी की जयंती हर वर्ष माघ पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी, रविवार को सुबह 5 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर 2 फरवरी, सोमवार को सुबह 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। ऐसे में संत रविदास जयंती 1 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस साल गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती है, जिसे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा।
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रविदास जयंती 2026 - फोटो : amar ujala

क्यों मनाते हैं रविदास जयंती? 
रविदास जयंती संत गुरु रविदास जी के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। मान्यता है कि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में संवत 1337 ईस्वी में माघ महीने की पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसी वजह से हर साल माघ पूर्णिमा को उनकी जयंती मनाने की परंपरा चली आ रही है। गुरु रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों से समाज को यह सिखाया कि सभी इंसान बराबर हैं और भक्ति का रास्ता प्रेम व करुणा से होकर जाता है।
वाराणसी में रविदास जयंती का खास महत्व है और यहां यह पर्व बहुत ही भव्य तरीके से मनाया जाता है। इस अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं। गुरु रविदास जी की तस्वीरों के साथ शोभायात्राएं निकाली जाती हैं, मंदिरों में आरती होती है और उनके भजनों व पदों का गायन किया जाता है। यह दिन श्रद्धा, एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।

संत रविदास की आरती - फोटो : amar ujala

रविदास आरती 

नामु तेरो आरती भजनु मुरारे, हरि के नाम बिनु गणपति सगल पसारे।
नाम तेरा सारनो नाम तेरा उर्सा, नामु तेरा केसरो ले चितकारो।
नाम तेरा अन्भुला नाम तेरा चंदनोघसि, जपे नाम ले तुहि कू चारे।

नाम तेरा दिवा नाम तेरो, नाम तेरो तेल बात ले माही पसारे।
नाम तेरे की ज्योति जगाई, भीलो उजिरो भवन सगलारे।

नाम तेरो तगा नाम फूल माला, भार चौथा सगल जूठारे।
तेरो कियो तू ही किया अरपौ, नाम तेरो तुही चंवर ढोलारे।दस अथा अट्ठेस चारे खानी, इहै वरतनि है सगल संसारे।
कहै 'रविदास' नाम तेरो आरती, सतिनाम है हरिभोगे।
 

संत रविदास के अनमोल वचन - फोटो : amar ujala
जब तक मनुष्य का अहंकार नष्ट नहीं होता,
तब तक वह सच्चे ज्ञान को प्राप्त नहीं कर सकता।

संत रविदास 

संत रविदास के अनमोल वचन - फोटो : amar ujala
अगर आपका मन साफ और पवित्र है,
तो वही सबसे बड़ा तीर्थ है।

 

Ravidas Jayanti 2025 - फोटो : अमर उजाला
सब चंगा तो कठौती में गंगा

Ravidas Jayanti 2025 - फोटो : अमर उजाला
कर्म करना हमारा धर्म है, फल पाना हमारा सौभाग्य है
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Ravidas Jayanti 2025 - फोटो : अमर उजाला
भगवान उस हृदय में निवास करते हैं
जिसके मन में किसी के प्रति बैर भाव नहीं है, कोई लालच या द्वेष नहीं है।

 




डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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