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किस दिशा में भगवान शिव की तस्वीर लगाने से पूरी होती है मनोकामना पूरी, जानिए सही दिशा और नियम

Wed, 11 Feb 2026 03:13 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

15 फरवरी को देशभर में महाशिवरात्रि की पर्व पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक करने से हर तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 
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महाशिवरात्रि 2026 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि वह पुण्य पर्व है, जब भगवान शिव और माता पार्वती अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। यह दिन केवल उपवास और पूजा का नहीं, बल्कि जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने का अवसर भी माना जाता है। वास्तु शास्त्र बताता है कि यदि घर या कार्यस्थल में भगवान शिव की तस्वीर सही दिशा और उचित स्वरूप में लगाई जाए, तो इससे वातावरण में शुभ ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। मान्यता है कि सही स्थान पर स्थापित शिव की तस्वीर से मनोकामनाओं की पूर्ति भी संभव होती है।
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ईशान कोण का विशेष महत्व
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा गया है, जिसे भगवान शिव से जोड़ा जाता है। यह दिशा आध्यात्मिक चेतना, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र मानी जाती है। घर, पूजा स्थल या कार्यालय में इस दिशा में भगवान शिव की तस्वीर लगाना अत्यंत शुभ माना गया है।

पूर्व दिशा से आती है शांति
पूर्व दिशा सूर्य की ऊर्जा से परिपूर्ण होती है और आध्यात्मिक विकास के लिए अनुकूल मानी जाती है। इस दिशा में भगवान शिव की तस्वीर लगाने से घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बना रहता है।

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इन दिशाओं में लगाने से बचें
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धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार दक्षिण और पश्चिम दिशा में भगवान शिव की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए। माना जाता है कि इन दिशाओं में शिव की तस्वीर लगाने से मानसिक अशांति और नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न हो सकते हैं।

अलग-अलग कामनाओं के लिए शिव के उपयुक्त स्वरूप

रचनात्मक उन्नति के लिए नटराज
कला, संगीत, नृत्य या रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहने वालों के लिए भगवान शिव का नटराज स्वरूप अत्यंत शुभ माना गया है। इस स्वरूप की तस्वीर उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना लाभकारी रहता है।

पारिवारिक सुख के लिए शिव परिवार
परिवार में प्रेम, आपसी समझ, एकता और समृद्धि बनाए रखने के लिए शिव परिवार की तस्वीर को श्रेष्ठ माना गया है। इसे घर के पूजा कक्ष या बैठक में पूर्व दिशा की ओर लगाना चाहिए।

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मानसिक शांति के लिए ध्यानस्थ शिव
जो लोग मानसिक शांति, ध्यान और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं, उनके लिए ध्यानमग्न शिव की तस्वीर शुभ मानी जाती है। इसे उत्तर दिशा में लगाना उत्तम होता है।

समृद्धि और सफलता के लिए गंगा अवतरण
आर्थिक प्रगति, कार्यक्षेत्र में सफलता और बाधाओं से मुक्ति के लिए भगवान शिव की गंगा अवतरण वाली तस्वीर को विशेष फलदायी माना गया है। इसे उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए।

स्वास्थ्य लाभ के लिए शिवलिंग
रोगों से मुक्ति, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की इच्छा रखने वालों के लिए शिवलिंग की तस्वीर शुभ मानी जाती है। इसे पूजा कक्ष में पूर्व दिशा की ओर स्थापित करना चाहिए।

शिव की तस्वीर लगाते समय रखें ये जरूरी सावधानियां
  • भगवान शिव की तस्वीर को कभी भी जमीन पर न रखें, इसे दीवार पर उचित ऊंचाई पर लगाएं।
  • तस्वीर के आसपास स्वच्छता बनाए रखें और नियमित रूप से पूजा-अर्चना करें।
  • टूटी, फटी या धुंधली तस्वीरें घर में नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं।
  • भगवान शिव के रौद्र या क्रोधित स्वरूप, जैसे तांडव मुद्रा वाली तस्वीरें घर में लगाने से बचें, क्योंकि इससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
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