शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल अपने विद्यालय ही नहीं, बल्कि स्कूल कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालयों की उपस्थिति संबंधी जानकारी समय पर अपलोड करवाने की जिम्मेदारी भी संबंधित स्कूल मुखिया की होगी। यदि किसी स्तर पर देरी होती है या निर्धारित समय का पालन नहीं किया जाता है, तो उसकी जवाबदेही संबंधित प्रधानाचार्य अथवा मुख्याध्यापक की मानी जाएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही, देरी अथवा निर्देशों की अवहेलना को प्रशासनिक कर्तव्य का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग पिछले कुछ समय से विद्यालयों में डिजिटल निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) पोर्टल के माध्यम से स्कूलों की विभिन्न गतिविधियों की वास्तविक समय निगरानी की जा रही है। इसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति तथा शैक्षणिक प्रगति जैसी सूचनाएं शामिल हैं। नई समयसीमा लागू होने से विभाग को प्रत्येक विद्यालय की कार्यप्रणाली की अधिक सटीक और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी। इससे प्रशासनिक निगरानी मजबूत बनेगी और स्कूलों में जवाबदेही बढ़ेगी।
आदेश के अनुसार ग्रीष्मकालीन सत्र वाले विद्यालयों में स्टाफ की उपस्थिति सुबह 10:30 बजे तक पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। वहीं, शीतकालीन स्कूलों के लिए यह समय सुबह 11:00 बजे निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार, स्कूलों की छुट्टी के बाद ग्रीष्मकालीन विद्यालयों में 3:15 बजे तक चेक-आउट उपस्थिति दर्ज करनी होगी। शीतकालीन विद्यालयों में 4:15 बजे तक चेक-आउट उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूल मुखिया अपने विद्यालय के साथ-साथ स्कूल कॉम्प्लेक्स के सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालयों की उपस्थिति जानकारी समय पर अपलोड करवाने के लिए जवाबदेह होंगे। निर्धारित समय का पालन न करने पर संबंधित प्रधानाचार्य या मुख्याध्यापक को जिम्मेदार माना जाएगा। विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही या निर्देशों की अवहेलना को प्रशासनिक कर्तव्य का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार अब स्कूलों में उपस्थिति संबंधी आंकड़ों को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई के पक्ष में नहीं है।