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शिमला: युवक पर बंदरों ने किया हमला, डंगे से नीचे गिरा, अस्पताल में भर्ती

Thu, 24 Sep 2026 09:22 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शिमला शहर के अपर ढली वार्ड के इंद्रनगर क्षेत्र में वीरवार शाम करीब 5:15 बजे बंदरों के एक झुंड ने पैदल जा रहे युवक पर हमला कर दिया। 20 से 30 बंदरों के एक साथ हमले से युवक को संभलने का मौका नहीं मिला।
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बंदर(फाइल)। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में उत्पाती बंदरों और लावारिस कुत्तों का आतंक जारी है। शहर के अपर ढली वार्ड के इंद्रनगर क्षेत्र में वीरवार शाम करीब 5:15 बजे बंदरों के एक झुंड ने पैदल जा रहे युवक पर हमला कर दिया। 20 से 30 बंदरों के एक साथ हमले से युवक को संभलने का मौका नहीं मिला। युवक सड़क किनारे लगाए डंगे से करीब 15 फीट नीचे पहाड़ी पर जा गिरा। इससे उसके सिर में चोट लग गई और खून बहने लगा। युवक की नाक से भी खून निकलने लगा और टांग में भी चोट आई है। घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों ने लहूलुहान युवक को पीठ पर उठाकर साथ लगते रास्ते तक पहुंचाया। इसके बाद पार्षद कमलेश मेहता को घटना की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पार्षद ने युवक के परिजनों को सूचित किया। इसके साथ ही मजदूर की मदद से युवक को एनएच तक पहुंचाया गया। यहां से टैक्सी के माध्यम से युवक को गंभीर हालत में आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया।

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करीब 20 वर्षीय युवक अंशुल इंद्रनगर में ही किराये के मकान में रहता है। वह ग्रेजुएशन के बाद इन दिनों आईटी का कोर्स कर रहा है। वह मूल रूप से गुम्मा क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। आईजीएमसी अस्पताल में युवक को भर्ती कर लिया गया है। उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार गिरने से युवक के सिर पर गहरी चोट लगी है। पार्षद कमलेश मेहता ने कहा कि इंद्रनगर के रिहायशी इलाकों में भी बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सार्वजनिक स्थानों पर बंदरों को खाने की चीजें न दें।

बंदरों के काटने पर दस लोग पहुंचे अस्पताल
आईजीएमसी अस्पताल में वीरवार को बंदरों के काटने के दस मामले पहुंचे हैं। इनमें लक्कड़ बाजार, संजौली समेत शहर के अन्य उपनगरों से बंदरों के हमले में घायल हुए लोग उपचार के लिए पहुंचे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि रोजाना बंदरों और कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं। सभी घायलों का टीकाकरण किया गया है।
 

पिछले महीने महिला की हुई थी मौत
राजधानी में बंदरों और कुत्तों के हमले के लगातार बढ़ते मामलों ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। बीते महीने समिट्री में बंदरों के हमले से एक बुजुर्ग महिला तीन मंजिला मकान से नीचे गिर गई थी। गंभीर रूप से घायल महिला कई दिन तक आईजीएमसी में उपचाराधीन रही। बाद में महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं, 20 सितंबर को शांकली में लावारिस कुत्तों ने दो साल की मासूम बच्ची को लहूलुहान कर दिया था। कुत्ते बच्ची को घर के गेट से घसीटते हुए करीब 25 मीटर दूर ले गए थे। लोगों ने बच्ची को कुत्तों के चंगुल से बचाया था। शहर में बंदरों के काटने के हर महीने 50 से 70 मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, कुत्तों के काटने के 100 से 150 मामले सामने आ रहे हैं।
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राहत देने का कर रहे प्रयास : महापौर
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर में लावारिस कुत्तों और बंदरों के बढ़ते आतंक से राहत दिलाने के लिए नगर निगम प्रयास कर रहा है। बंदरों से कैसे राहत दिलाई जा सकती है, इस पर जल्द वन विभाग के साथ बैठक बुलाई जाएगी। महापौर ने कहा कि वीरवार को एक संस्था के साथ बैठक भी की गई है। यह संस्था दो अक्तूबर से शहर में कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी अभियान शुरू करेगी। इससे लोगों को कुत्तों के आतंक से राहत मिलने की उम्मीद है।
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