प्रदर्शनकारी भड़क गए और सचिवालय की ओर बढ़ने लगे
सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा तो प्रदर्शनकारी भड़क गए और सचिवालय की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने गेट के बाहर नारेबाजी जारी रखी। उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने और सामान्य वर्ग आयोग के गठन की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। कुछ प्रदर्शनकारी बसों और गाड़ियों पर भी चढ़ गए।
मंत्री अनिरुद्ध सिंह की आश्वासन पर माने प्रदर्शनकारी
करीब चार बजे मंत्री अनिरुद्ध सिंह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर और राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मंत्री को ज्ञापन सौंपा। मंत्री की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात करवाने का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने 10 जनवरी को दिल्ली कूच करने का एलान भी किया।
मुख्यमंत्री का होर्डिंग फाड़ा
प्रदर्शन के दौरान गुस्साए कुछ प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के बाहर लगा मुख्यमंत्री सुक्खू का होर्डिंग फाड़ दिया। इसके बाद पुलिस होर्डिंग फाड़ने वाले कार्यकर्ता को छोटा शिमला ले गई। मंत्री अनिरुद्ध सिंह के प्रदर्शनस्थल पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारी नेताओं ने उनसे कार्यकर्ता को रिहा करने की मांग की। मंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने कार्यकर्ता को छोड़ दिया।
अनिरुद्ध सिंह ने किया आंदोलन का समर्थन
प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री का संदेश आया था कि वह प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लें। उन्होंने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाई जाएगी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त किया। मंत्री ने कहा कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ हैं। जब अन्य वर्गों के आयोग हैं तो सामान्य वर्ग के लिए भी आयोग होना चाहिए। चक्का जाम के मामले में एफआईआर दर्ज करने संबंधी सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसमें एफआईआर दर्ज करने की क्या बात है।