जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते रोज उन्होंने विधानसभा में टैक्सी ऑपरेटरों की मांगों को लेकर प्रश्न किया था। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गोलमोल जवाब दिया और गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों का प्रदेश की आर्थिकी में अहम योगदान है। प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र में रोजगार नहीं दे पा रही है, ऐसे में ऑपरेटर ऋण लेकर या टैक्सी किराये पर लेकर स्वरोजगार अपना रहे हैं।
सरकार का बड़ा काम कर रहे हैं। वह चालक, मैकेनिक सहित अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार परमिट को लेकर केंद्र के एक्ट का हवाला दे रही है। प्रदेश की कई सरकारों ने केंद्र सरकार के समक्ष परमिट की अवधि 15 साल किए जाने की मांग रखकर अपने ऑपरेटरों को राहत दी है। हिमाचल में भी प्रदेश सरकार ऐसा कर सकती थी। उन्होंने कहा कि कोविड के समय रोजगार समाप्त हो गया था। स्थिति सामान्य होने पर टैक्सी, ट्रक और बस ऑपरेटरों को राहत देने का काम किया था जिसे आज भी ऑपरेटर याद करते हैं। रक्षाबंधन का पर्व अपनों के साथ मनाने के लिए उन्होंने ऑपरेटरों से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया और पांच दिन से चल रहा आमरण अनशन समाप्त कर दिया।