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हिमाचल : शिमला में टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने जूस पिलाकर कराया धरना समाप्त

Fri, 28 Aug 2026 12:14 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शिमला के चौड़ा मैदान में परमिट बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने धरनास्थल पर पहुंचकर ऑपरेटरों से बातचीत की और उनकी मांगें सुनीं। इसके बाद उन्होंने जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त करवाया। टैक्सी ऑपरेटरों ने नेता प्रतिपक्ष की अपील के बाद धरना खत्म करने पर सहमति जताई।
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर जूस पिलाकर अनशन तुड़वाते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में पांच दिन से चल रहे ऑल हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर्स एंड ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन के आमरण अनशन को नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को समाप्त करवा दिया।उन्होंने कहा कि हमने फैसला लिया था कि ऑपरेटर रक्षाबंधन अपने घर में मनाएं और इसलिए अनशन समाप्त करवाया। उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे एसोसिएशन के अध्यक्ष राम रत्न शर्मा और अभि ठाकुर सहित क्रमिक अनशन पर बैठे ऑपरेटरों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऑपरेटरों को भरोसा दिया कि वह विधानसभा के अंदर और बाहर तथा केंद्र सरकार के समक्ष उनकी मांगों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे और राहत दिलवाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होना तय है। सरकार बनने के बाद टैक्सी ऑपरेटरों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते रोज उन्होंने विधानसभा में टैक्सी ऑपरेटरों की मांगों को लेकर प्रश्न किया था। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गोलमोल जवाब दिया और गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों का प्रदेश की आर्थिकी में अहम योगदान है। प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र में रोजगार नहीं दे पा रही है, ऐसे में ऑपरेटर ऋण लेकर या टैक्सी किराये पर लेकर स्वरोजगार अपना रहे हैं। 

 
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सरकार का बड़ा काम कर रहे हैं। वह चालक, मैकेनिक सहित अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार परमिट को लेकर केंद्र के एक्ट का हवाला दे रही है। प्रदेश की कई सरकारों ने केंद्र सरकार के समक्ष परमिट की अवधि 15 साल किए जाने की मांग रखकर अपने ऑपरेटरों को राहत दी है। हिमाचल में भी प्रदेश सरकार ऐसा कर सकती थी। उन्होंने कहा कि कोविड के समय रोजगार समाप्त हो गया था। स्थिति सामान्य होने पर टैक्सी, ट्रक और बस ऑपरेटरों को राहत देने का काम किया था जिसे आज भी ऑपरेटर याद करते हैं। रक्षाबंधन का पर्व अपनों के साथ मनाने के लिए उन्होंने ऑपरेटरों से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया और पांच दिन से चल रहा आमरण अनशन समाप्त कर दिया।
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