सामान्य और विशेष पुरस्कार श्रेणियों पर सवाल
पत्र में कहा गया है कि विशेष पुरस्कार श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले कुछ शिक्षकों को बाद में सामान्य पुरस्कार श्रेणी में चयनित दिखाया गया। इनमें सृष्टि शर्मा (जेबीटी), किरण कुमार (डीएम), संजय कुमार नेगी (जेबीटी) और लोकेन्द्र सिंह (सीएचटी) के नाम शामिल हैं। शिक्षकों ने दावा किया है कि अधिसूचना में पुरस्कारों का स्पष्ट श्रेणीवार वितरण निर्धारित किया गया था, लेकिन अंतिम परिणाम में इसका पूरी तरह पालन नहीं हुआ।
दूसरे राज्य शिक्षक पुरस्कार पर भी आपत्ति
पत्र में एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया गया है। शिक्षकों का आरोप है कि अधिसूचना के अनुसार कोई शिक्षक राज्य शिक्षक पुरस्कार दोबारा प्राप्त करने का पात्र नहीं है। इसके बावजूद जेबीटी शिक्षिका सृष्टि शर्मा को कथित रूप से दूसरी बार यह पुरस्कार प्रदान किए जाने का मामला सामने आया है। शिक्षकों ने इसकी पात्रता और नियमों के अनुपालन की जांच की मांग की है।
31 पुरस्कारों की जगह 21 नामों पर सवाल
पत्र में कहा गया है कि अधिसूचित व्यवस्था के अनुसार 16 पुरस्कार सामान्य क्षेत्र, नौ जनजातीय क्षेत्र और छह विशेष श्रेणी के लिए निर्धारित थे, यानी कुल 31 पुरस्कारों का प्रावधान था। हालांकि अंतिम चयन सूची में 21 पुरस्कार ही दे रहे हैं। शिक्षकों ने मांग की है कि अधिसूचना और अंतिम चयन सूची के बीच अंतर की जांच की जाए।