मामले में मोड़ 14 दिसंबर 2024 को आया। युवक अपने माता-पिता के साथ युवती के गांव में शादी की बात करने जा रहा था। हालांकि, युवती उस समय वहां मौजूद नहीं थी। इसे लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद हो गया और शादी का रिश्ता टूट गया। इसके बाद युवती ने थाना बालूगंज में शिकायत दर्ज कराई। मामले में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 69 के तहत केस दर्ज किया गया। अदालत में सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया गया।
अदालत ने आरोपी को आरोपों से बरी करते हुए कहा कि शादी का वादा पूरा न होना और शुरुआत से ही शादी के नाम पर धोखा देने की मंशा होना, दोनों अलग-अलग परिस्थितियां हैं। किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए यह स्थापित होना जरूरी है कि शादी का वादा करते समय उसकी नीयत ही गलत थी। इस फैसले में अदालत ने रिश्ते के दौरान बने हालात और शादी टूटने की परिस्थितियों को भी महत्वपूर्ण माना। अदालत के निर्णय के बाद आरोपी को मामले में राहत मिली है।