पीजी और सुपर स्पेशलिटी के लाभ भी मिलेंगे
सरकार ने इन-सर्विस पीजी लाभों के लिए 19 जुलाई 2025 की कटऑफ डेट तय की थी। हाईकोर्ट ने यह पाबंदी हटाते हुए डॉक्टरों को जनरल ड्यूटी ऑफिसर के रूप में पीजी और सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्रमों के लिए पात्र माना है। उन्हें एमडी, एमएस और सुपर स्पेशलिटी के कोटे के साथ नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) समेत संबंधित सेवा लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं। साहिल ठाकुर, चार्वी गुप्ता और अरुणिका ठाकुर समेत अन्य डॉक्टरों ने ट्रेनी नियुक्ति और सेवा लाभों पर रोक के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत के आदेश से अब उनके लिए अनुबंध कर्मचारी के रूप में नियुक्ति और संबंधित सेवा लाभों का रास्ता साफ हो गया है।
ये है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2024 में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से निकाली गई मेडिकल अफसरों के 200 पदों की भर्ती से जुड़ा है। विज्ञापन के अनुसार पद अनुबंध आधार पर भरे जाने थे। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगस्त 2025 में मेरिट सूची जारी हुई, जिसमें याचिकाकर्ता डॉक्टर भी चयनित हुए। इसके बाद सरकार ने नियुक्ति के समय व्यवस्था बदलते हुए उन्हें जॉब ट्रेनी बनाने का फैसला ले लिया और ट्रेनी एग्रीमेंट साइन करने को कहा। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को 2012 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत अनुबंध कर्मचारी माना जाए और नियुक्ति की शुरुआती तारीख से अनुबंध कर्मचारियों को मिलने वाले संबंधित लाभ दिए जाएं।