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मंडी: बच्चों की मौत के बाद फिर कमरे में घुस रहा था सांप, ग्रामीणों ने साइलेंट किलर कॉमन करैत को मार डाला

Mon, 14 Sep 2026 10:50 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।

सार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के कोटली क्षेत्र की सेहली पंचायत में दो बच्चों की मौत के बाद उसी कमरे में दोबारा सांप घुसने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। शनिवार रात सांप कमरे की ओर बढ़ता दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उसे डंडों से मार डाला। प्रारंभिक पहचान में सांप को कॉमन करैत बताया जा रहा है, जिसे बेहद जहरीला माना जाता है। पढ़ें पूरी खबर...
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फिर कमरे में घुस रहा था जहरीला सांप। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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कोटली क्षेत्र की सेहली पंचायत में दो बच्चों की मौत के बाद एक ही कमरे में दोबारा सांप दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार और शनिवार को बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। इसके बाद परिवार उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहा था, तभी कमरे के दरवाजे के पास काले रंग का सांप दिखाई दिया।

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ग्रामीणों ने सांप को कमरे से बाहर निकालकर कुछ दूरी पर फेंक दिया। हालांकि, शनिवार रात करीब आठ बजे वही सांप दोबारा कमरे की ओर बढ़ता हुआ नजर आया। इसके बाद लोगों ने सतर्कता बरतते हुए सांप को घेर लिया और डंडों से वार कर उसे मार डाला।

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ग्रामीणों के अनुसार, सांप की पहचान कॉमन करैत के रूप में की जा रही है। हालांकि, बच्चों की मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।

बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद मचा हड़कंप
वार्ड पंच हेमलता ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को बच्चों की तबीयत अचानक खराब हुई थी। उन्हें पेट में तेज दर्द और उल्टियां होने लगी थीं। परिवार के लोग जब बच्चों को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी कमरे के दरवाजे के पास काले रंग का सांप दिखाई दिया।

सांप को बाहर निकालने के बाद भी परिवार और ग्रामीणों की चिंता कम नहीं हुई। रात में दोबारा उसी कमरे की तरफ सांप के बढ़ने से लोग घबरा गए। ग्रामीणों ने समय रहते उसे देख लिया और मार डाला।

कॉमन करैत बेहद जहरीला
विशेषज्ञों के अनुसार कॉमन करैत बेहद जहरीला सांप होता है। इसके जहर में न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है, जो शरीर के तंत्रिका तंत्र और नसों पर असर डाल सकता है। इसके काटने से मांसपेशियों में कमजोरी, सांस लेने में परेशानी और गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

करैत के काटने का निशान कई बार तुरंत स्पष्ट नहीं होता। ऐसे में सांप के काटने की आशंका होने पर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचना जरूरी है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति जानलेवा हो सकती है। बच्चों की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उनकी मौत सांप के जहर से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

पहचान कैसे करें?
  • शरीर आमतौर पर काले या गहरे नीले रंग का होता है।
  • शरीर पर पतली सफेद धारियां या क्रॉस-बैंड दिखाई दे सकते हैं।
  • सिर अपेक्षाकृत छोटा और शरीर चमकदार होता है।
  • यह अधिकतर रात में सक्रिय रहता है।
  • खेतों, गांवों, झाड़ियों और घरों के आसपास भी दिखाई दे सकता है।

इसका काटना इतना खतरनाक क्यों है?
कॉमन करैत के जहर में न्यूरोटॉक्सिन होता है, जो नसों और मांसपेशियों के बीच संदेश पहुंचने की प्रक्रिया को बाधित करता है। गंभीर स्थिति में इससे शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ सकती हैं और सांस लेने वाली मांसपेशियां भी काम करना बंद कर सकती हैं।

काटने के बाद ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
  • पेट में तेज दर्द या ऐंठन
  • उल्टी या बेचैनी
  • आंखों की पलकें झुकना
  • बोलने या निगलने में परेशानी
  • शरीर में कमजोरी या लकवे जैसे लक्षण
  • सांस लेने में कठिनाई
  • बेहोशी या सांस की मांसपेशियों का लकवाग्रस्त होना

ध्यान रखें कि कॉमन करैत के काटने पर शुरुआत में दर्द, सूजन या खून निकलना बहुत कम हो सकता है। इसलिए केवल काटे गए स्थान पर निशान न होने से खतरा खत्म नहीं माना जा सकता।

सांप काट ले तो क्या करें?
  • पीड़ित को शांत रखें और उसे चलने या दौड़ने न दें।
  • काटे गए अंग को स्थिर रखें।
  • तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
  • संभव हो तो एंबुलेंस बुलाएं और अस्पताल को सांप के काटने की जानकारी दें।
  • सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।
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काटे हुए स्थान पर चीरा न लगाएं, जहर चूसने की कोशिश न करें, बर्फ या घरेलू लेप न लगाएं और झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। कॉमन करैत के जहर का उपचार अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम और जरूरत पड़ने पर सांस की मशीन की मदद से किया जाता है।
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