फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर हिमाचल प्रदेश में कब होगा चंद्रोदय, सरगी और पूजा का शुभ मुहूर्त; जानें सबकुछ

Wed, 28 Oct 2026 02:54 PM IST
Ankesh Dogra भारती शर्मा, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ पर 29 अक्तूबर को अलग-अलग शहरों में रात 7:59 से 8:10 बजे के बीच चंद्रमा के दर्शन होंगे। मौसम विज्ञान विभाग के जारी चार्ट के अनुसार, कल्पा में सबसे पहले और चंबा में सबसे देर से चांद निकलेगा। पढ़ें पूरी खबर...

Register For Event
विज्ञापन
करवा चौथ पर कब निकलेगा चांद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करवा चौथ पर हिमाचल प्रदेश में व्रती महिलाओं को चांद का बेसब्री से इंतजार रहेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी चंद्रोदय समय के चार्ट के अनुसार, 29 अक्तूबर को प्रदेश के प्रमुख शहरों में रात 7:59 बजे से 8:10 बजे के बीच चंद्रमा के दर्शन होंगे। किन्नौर जिले के कल्पा में सबसे पहले रात 7:59 बजे चांद निकलेगा, जबकि चंबा में रात 8:10 बजे चंद्रोदय का समय दिया गया है। राजधानी शिमला में रात 8:04 बजे चंद्रमा दिखाई देने का अनुमान है।

विज्ञापन


Trending Videos

करवा चौथ को लेकर प्रदेशभर में महिलाओं में उत्साह है। पर्व से एक दिन पहले बुधवार को बाजारों में खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने करवे, पूजा सामग्री, कपड़े, आभूषण और शृंगार का सामान खरीदा। ब्यूटी पार्लरों में भी महिलाओं की चहल-पहल रही।

प्रदेश के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय
मौसम विज्ञान विभाग के चार्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय इस प्रकार है:
- कल्पा: रात 7:59 बजे
- भुंतर: रात 8:02 बजे
- केलांग: रात 8:02 बजे
- शिमला: रात 8:04 बजे
- सोलन: रात 8:05 बजे
- नाहन: रात 8:05 बजे
- सुंदरनगर: रात 8:06 बजे
- ऊना: रात 8:07 बजे
- बिलासपुर: रात 8:07 बजे
- धर्मशाला: रात 8:08 बजे
- हमीरपुर: रात 8:08 बजे
- चंबा: रात 8:10 बजे

इन समयों के अनुसार, कल्पा में चंद्रमा के दर्शन सबसे पहले होंगे। वहीं, चंबा में महिलाओं को चांद के दीदार के लिए अन्य सूचीबद्ध शहरों के मुकाबले अधिक इंतजार करना पड़ सकता है।


 

जानें सरगी और पूजा का शुभ मुहूर्त
शिमला के गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार, करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की रात 1:06 बजे शुरू होकर 29 अक्तूबर की रात 10:11 बजे तक रहेगी। सरगी ग्रहण करने का समय सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे तक बताया गया है। वहीं, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा।

करवा चौथ पर महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद निर्जला व्रत रखेंगी। दिनभर पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी। शाम को करवा माता की पूजा-अर्चना और व्रत कथा सुनने की परंपरा निभाई जाएगी।
 

चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोलेंगी व्रत
रात को चंद्रमा के दर्शन होने के बाद महिलाएं चंद्रदेव को अर्घ्य देंगी। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलेंगी। हालांकि, चंद्रोदय का समय शहर, स्थान और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने क्षेत्र के समय की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
विज्ञापन

करवा चौथ की रौनक: बाजारों में उमड़ी भीड़, बादलों से चांद न दिखे तो ऐसे खोलें व्रत
सुहागिन महिलाओं के प्रमुख पर्व करवा चौथ को लेकर धर्मशाला के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। मेहंदी के स्टॉल, चूड़ियों की दुकानें और साड़ियों के शोरूम महिलाओं से गुलजार हैं। पर्व की तैयारियों के बीच महिलाएं सोलह शृंगार के सामान और पूजा सामग्री की खरीदारी कर रही हैं। बाजारों में बढ़ी चहल-पहल से त्योहार का उत्साह साफ नजर आ रहा है।



करवा चौथ पर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। शाम को शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती, श्री गणेश और करवा माता की पूजा-अर्चना करने के साथ व्रत कथा सुनने का विधान है। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाती है।

बादलों के कारण चांद न दिखे तो क्या करें?
करवा चौथ के दिन कई बार मौसम खराब होने या आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देता। ऐसी स्थिति में व्रत रखने वाली महिलाओं के मन में व्रत खोलने को लेकर असमंजस हो सकता है।

पंडित शिव शर्मा के अनुसार, यदि बादलों के कारण चांद नजर न आए तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। महिलाएं चंद्रोदय की दिशा की ओर मुख करके भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा का ध्यान कर सकती हैं। इसके अलावा चावल से चंद्रमा की आकृति बनाकर अर्घ्य देने का विकल्प भी बताया गया है। हालांकि, स्थानीय परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। इसलिए महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपरा या स्थानीय पुरोहित की सलाह के अनुसार पूजा कर सकती हैं।

बाजारों में मेहंदी और चूड़ियों की मांग
करवा चौथ से पहले मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। चूड़ियों, साड़ियों और शृंगार सामग्री की दुकानों पर भी रौनक है। महिलाएं पर्व के लिए पारंपरिक परिधान और पूजा की सामग्री खरीदने में जुटी हैं। करवा चौथ पर पूजा, व्रत कथा और चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा के साथ बाजारों में भी त्योहार का उत्साह देखने को मिल रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें