हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी जिला परिषद चुनावों के परिणामों में निर्वाचित हुए 243 जिला परिषद सदस्यों में सबसे अधिक 141 प्रतिनिधि 40 से 60 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जबकि 21 से 39 वर्ष आयु वर्ग के 93 युवा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर नई पीढ़ी की मजबूत राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई है। 60 वर्ष से अधिक आयु के केवल 9 प्रत्याशी ही चुनाव जीत सके हैं। चुनाव परिणामों के अनुसार प्रदेश में सबसे कम उम्र के विजेताओं का रिकॉर्ड दो महिला प्रत्याशियों के नाम रहा है। कांगड़ा जिले के रियाली जिला परिषद वार्ड से निर्वाचित साक्षी तथा शिमला जिले के चडोली वार्ड से विजयी मन्नत तेगवान मात्र 21 वर्ष की आयु में जिला परिषद सदस्य बनी हैं। वहीं सबसे अधिक उम्र की विजेता चंबा जिले के भरमौर वार्ड से निर्वाचित लीला देवी हैं, जिनकी आयु 76 वर्ष है।
जिला परिषदों में मध्यम आयु वर्ग का दबदबा कायम है। कुल 243 विजेताओं में से 141 सदस्य 40 से 60 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जो कुल प्रतिनिधियों का लगभग 58 प्रतिशत बनता है। वहीं 93 युवा प्रतिनिधि कुल विजेताओं का करीब 38 प्रतिशत हैं। इससे स्पष्ट है कि ग्रामीण राजनीति में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और मतदाता भी नए चेहरों पर भरोसा जता रहे हैं। वरिष्ठ वर्ग की बात करें तो 60 वर्ष से अधिक आयु के केवल 9 प्रत्याशी ही जीत दर्ज कर पाए हैं। इनमें चम्बा की लीला देवी (76), सिरमौर के बलदेव सिंह (71), शिमला के भरत सिंह कलांटा (69), सोलन की शीला देवी (68), ऊना के पवन कुमार (68), ऊना के केवल सिंह (67), हमीरपुर के रामेश्वर दत्त (66), कांगड़ा के एक 66 वर्षीय सदस्य तथा बिलासपुर के लेख राम (64) शामिल हैं।