शिमला जिले के कुमारसैन क्षेत्र की कोटीघाट पंचायत के रोपा वार्ड में शुक्रवार रात भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ। मलबा और चट्टानें गिरने से स्थानीय निवासी रामानंद का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उनका परिवार बेघर हो गया। इसके अलावा बागवान ज्योतिराम के 35 सेब के पौधे नष्ट हो गए, जबकि कई अन्य बागवानों के डंगे और सेब के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा है। रामपुर बुशहर के डंसा क्षेत्र में आपदा प्रभावित सुंडा-सनेई सड़क पर शनिवार सुबह फिर भूस्खलन हुआ।
अचानक गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक बैल की मौत हो गई। इसी दौरान जगूणी से रामपुर जा रहे एक पिकअप वाहन पर भी पत्थर गिर गया, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा। हालांकि, चालक और अन्य लोग सुरक्षित बच गए। कांगड़ा जिले के चरान पुल दाडनू क्षेत्र में दिन के समय हुए भूस्खलन की चपेट में आने से दो युवक घायल हो गए। शिमला में लगातार बारिश के बीच मुख्यमंत्री आवास ओकओवर के समीप तीन पेड़ गिर गए। घटना के समय वहां से गुजर रहे राहगीर बाल-बाल बच गए। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया। कुछ देर यातायात भी बाधित रहा। उधर, मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, हमीरपुर, चंबा और ऊना के अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार को मौसम सामान्य रहा।
उधर, धर्मशाला में कोतवाली बाजार-खनियारा मार्ग पर चरान खड्ड पुल के पास शनिवार को भूस्खलन की चपेट आने से बाइक सवार दो लोग घायल हो गए। घायल ललित को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।