इसके अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों में भी विद्यार्थियों की परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। कांगड़ा जिले में धर्मशाला, पालमपुर, नगरोटा बगवां, नूरपुर और अन्य क्षेत्रों के महाविद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। मंडी, सोलन, सिरमौर, हमीरपुर, ऊना, कुल्लू और बिलासपुर जिलों के संस्थान भी सूची में शामिल हैं। धर्मशाला स्थित विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र और विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संस्थान को भी परीक्षा केंद्रों की सूची में जगह मिली है। विश्वविद्यालय ने अलग-अलग महाविद्यालयों में एमए, एमकॉम, एमएससी और अन्य पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारित किए हैं।
कुछ महाविद्यालयों में केवल चुनिंदा विषयों और निर्धारित सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षा होगी। ऐसे में विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम के अनुसार आवंटित केंद्र की जानकारी प्रवेश पत्र से जांचनी होगी। विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप व्यवस्था करने और परीक्षा संचालन के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों का आवंटन विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध क्षमता को ध्यान में रखकर किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्रों में बदलाव भी कर सकता है।