स्कूलों में भी राष्ट्रगान गाया जाता है और राष्ट्रगीत को भी सदन में पूरे सम्मान के साथ गाया जाता है। ऐसे में राष्ट्रगान को लेकर विवाद खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। हिमाचल की जनता, कांग्रेस राष्ट्रगान के इस कथित अपमान के खिलाफ हैं। मामले को प्रदेश की जनता के बीच ले जाया जाएगा। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का अपना सम्मान है। सदन में दोनों को पूरी गरिमा के साथ गाया जाता है। किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। सदन में सभी राजनीतिक दलों के अपने मत और विचार हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े विषयों पर मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए।
चंदा चोरी, नीट पेपर लीक और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के पूर्व विधायकों के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त नहीं किए जाने को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायकों के निधन पर सदन में शोक व्यक्त किया जाना था, लेकिन भाजपा ने इसका भी ध्यान नहीं रखा और संवेदनहीनता दिखाई। विधानसभा में राजनीति का स्तर किस हद तक नीचे पहुंच गया है, यह पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट होता है।
आगे सीएम पीछे विधायक लगाते रहे भाजपा के खिलाफ नारे
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर के बाहर भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री स्वयं आगे नारे लगाते रहे। उनके साथ पीछे मंत्री और कांग्रेस विधायक भी भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। दूसरी ओर भाजपा विधायक भी नारे लगाते रहे।