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हिमाचल: पैकिंग का खेल, सस्ता दिखाने के लिए घटा दिया देसी घी और रिफाइंड तेल का वजन, जानें किसका क्या है रेट

Fri, 27 Feb 2026 10:26 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

देश हो या प्रदेश कंपनियां अपने उत्पादों का रेट बढ़ाने के बजाय अब उसका वजन कम कर नई पैकिंग बाजार में उतार रही है। आइए खेल समझते हैं रिफाइंड तेल और देसी घी के नए स्टॉक की पैकिंग के जरिए। जानें विस्तार से...
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शिमला की अनाज मंडी गंज बाजार में खरीदारी करते लोग। मंडी में आजकल रिफाइंड की पैकिंग चर्चा में है। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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यदि आपको भी कोई दुकानदार दूसरी दुकान से सस्ते रेट पर रिफाइंड तेल और देसी घी बेच रहा है तो खरीदने से पहले एक बार उसका वजन चेक कर लें। बाजारों में बिक रही नई तरह ही पैकिंग से आप गुमराह हो सकते हैं। दरअसल, ग्राहकों को महंगा सामान बेचने के लिए कई कंपनियों ने नया फार्मूला निकाला है।

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इसमें कंपनियां अपने उत्पादों का रेट बढ़ाने के बजाय अब उसका वजन कम कर नई पैकिंग बाजार में उतार रही है। इनमें रिफाइंड तेल और देसी घी का नया स्टॉक नई पैकिंग में आया है। राजधानी शिमला के बाजारों में पहली बार रिफाइंड तेल तीन तरह की पैकिंग में बिक रहा है। इनमें 600 एमएल, 700 से 750 एमएल और 910 एमएल की पैकिंग शामिल हैं। इनमें 600 और 700 एमएल की पैकिंग नई है। 600 एमएल रिफाइंड पैक 115 से 120 रुपये में उपलब्ध है जबकि परंपरागत 910 एमएल का रिफाइंड पैक 160 रुपये तक मिल रहा है। इससे ग्राहक गुमराह हो रहे हैं।

कारोबारियों के अनुसार कई बार ग्राहक आकर कहते हैं कि दूसरी दुकान पर सस्ता रिफाइंड तेल मिल रहा है। ऐसे में ग्राहकों को समझाना मुश्किल होता है उसकी पैकिंग दूसरी है। कई दुकानदार सस्ता दिखाकर कम वजन वाला रिफाइंड ग्राहकों को थमा रहे हैं। कंपनियों के पैकिंग के खेल से ज्यादातर ग्राहक अनजान है। कारोबारियों के अनुसार पहले 910 एमएल का रिफाइंड तेल 120 से 130 रुपये में मिल रहा था। 

कंपनियों ने इसे अब 40 रुपये तक महंगा कर दिया है। हालांकि, ग्राहक इसलिए अनजान है कि उन्हें अभी भी 120 रुपये में ही रिफाइंड पैक मिल रहा है। दरअसल अब जो ग्राहक रिफाइंड पैक ले रहे हैं, वह 910 एमएल नहीं बल्कि 600 एमएल का है। 910 एमएल वाला रिफाइंड 160 में मिल रहा है लेकिन दोनों की पैकिंग इस तरह है कि बिना तोले इसका पता नहीं लगता। अनाज मंडी कारोबारी एवं शिमला व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने कहा कि नई पैकिंग से ग्राहक ही नहीं, कारोबारी भी अब गुमराह हो रहे हैं।
 

ग्राहक कहते हैं कि दूसरी दुकान पर रिफाइंड तेल 20 से 30 रुपये सस्ता है जबकि उन्हें वजन का सही पता नहीं होता। इसी तरह कई तरह की पैकिंग से इनकी खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड रखने में कारोबारियों को भी परेशानी हो रही है। पंथाघाटी के कारोबारी के राकेश शर्मा ने कहा कि रिफाइंड तेल, बिस्किट, रस्क आदि के रेट तो पहले की तरह है लेकिन इनकी पैकिंग और वजन घट गया है।  पैकिंग के कोई स्टैंडर्ड रूल नहीं है। कंपनियां मनमर्जी कर रही हैं। किसी कंपनी का बिस्किट या रस्क अभी भी दस रुपये का ही है लेकिन वजन घट रहा है। इससे लोग गुमराह हो रहे हैं।

बिस्किट घटाकर 8 कर दिए, रेट दस रुपये ही 
बिस्किट, रस्क, क्रीम आदि उत्पादों में भी नई पैकिंग बाजारों में आ रही है। कई कंपनियों ने रेट तो बढ़ाए नहीं है लेकिन पैकेट में  पैकिंग घटा दी है। नामी कंपनियों ने बिस्किट के रेट बढ़ाने की बजाय इसमें आने वाले बिस्किट की संख्या घटा दी है। बच्चों का पसंदीदा एक नामी कंपनी का दस रुपये के बिस्किट पैक में पहले आठ बिस्किट आते थे। अब इनकी संख्या घटकर पांच रह गई है। दस रुपये में अब सिंगल लाइन बिस्किट ही मार्केट में है। इसी तरह अब कई घी कंपनियों ने भी रेट बढ़ने पर पैकिंग घटाई है। एक किलो के अलावा अब 800 ग्राम का देसी घी भी बाजार में उपलब्ध है।
 

किसका क्या है रेट
 
रिफाइंड तेल पैकिंग रिटेल रेट
600 एमएल    115-120 रुपये
700-750 एमएल 130-140 रुपये
910 एमएल 160-170 रुपये
देसी घी  
800 ग्राम 400 से 450 रुपये
एक किलो 530 से 650 रुपये
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अब सिर्फ सरकारी में स्टैंडर्ड पैकिंग 
पहले हर उत्पाद की स्टैंडर्ड पैकिंग होती थी। इसलिए सबका वजन बराबर रहता था। अब यह नियम खत्म हो चुका है। अब प्रति यूनिट बिक्री मूल्य तय होता है। इसलिए कंपनियां अलग-अलग पैकिंग निकाल रही हैं। हालांकि, सरकारी राशन डिपो में अभी भी एक किलो की स्टैंडर्ड पैकिंग में ही यह सामान मिल रहा है।-नरेंद्र धीमान, जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति विभाग शिमला
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