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Shimla News: गवाही मामले में सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज

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शिमला। कोरोना महामारी के दौरान सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने से जुड़े मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अभियोजन को गवाह पेश करने के लिए असीमित अवसर नहीं दिए जा सकते। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण गर्ग की अदालत ने इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से दायर आपराधिक पुनर्विचार याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। वर्ष 2020 में जब कोविड लॉकडाउन के दौरान कसुम्पटी पुलिस चौकी के मुख्य आरक्षी की शिकायत पर छोटा शिमला पुलिस थाना में चंबा निवासी आरोपी विशाल मेहरा के खिलाफ धारा 188 (सरकारी आदेश की नाफरमानी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपी पर लॉकडाउन और कर्फ्यू के नियमों को तोड़ने का आरोप था। निचली कोर्ट ने मामले में आरोपी को कई बार समन और गैर जमानती वारंट जारी किए थे। वह अदालत में पेश नहीं हुआ था। निचली अदालत ने आरोपी को भगोड़ा घोषित कर दिया और गवाहों के बयान दर्ज करने की तारीख तय की थी। तय तारीख पर गवाह न आने पर अदालत ने गवाही अवसर बंद कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने ऊपरी अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
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