फाइलों पर अधिकारी की नोटिंग की भी हो रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम के उपनियंत्रक एवं लेखा अधिकारी रामेश्वर शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने लेखा शाखा के चार कर्मचारियों से पूछताछ की है। चारों कर्मचारी रामेश्वर शर्मा के अधीन काम करते थे।
पुलिस ने चारों कर्मचारियों से अधिकारी के व्यवहार, काम के माहौल समेत कई सवाल किए। सोमवार और मंगलवार दोनों दिन कर्मचारियों से सवाल जवाब किए गए हैं। पुलिस कर्मचारियों से पूछताछ करके यह जानने की कोशिश कर रही है कि रामेश्वर शर्मा कहीं कार्यालय के कामकाज या अन्य कारणों से मानसिक तनाव में तो नहीं थे। आने वाले दिनों में नगर निगम के अधिकारियों से भी इस मामले को लेकर पूछताछ की जा सकती है। इससे पहले पुलिस लेखा शाखा का रिकॉर्ड भी कब्जे में ले चुकी है। इसमें लेखा कार्यालयों की फाइलों के साथ ही अधिकारी की नोटिंग भी शामिल है। पुलिस इस रिकॉर्ड का आकलन करके लेखा अधिकारी के कामकाज और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। रिकॉर्ड से पुलिस अधिकारी की लिखावट के नमूनों का मिलान किया जाएगा।
रामेश्वर शर्मा ने सुसाइड नोट में आत्महत्या करने की वजह गंभीर मानसिक तनाव और व्यक्तिगत कारण बताए हैं जबकि उनके बेटे ने पुलिस को दिए बयान में कार्यालय के कारणों को इसकी वजह बताया है। यही वजह है कि अब इस मामले में नगर निगम की लेखा शाखा के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक की भूमिका की जांच कर रही है। रामेश्वर शर्मा नगर निगम में आए छह महीने का समय ही हुआ था। अब पुलिस इस बात की गुत्थी सुलझाने में लगी है कि आखिरकार इतने कम समय में ऐसा क्या हुआ कि उन्हें आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। पुलिस ने घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की है। इसकी भी पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है। वहीं फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया है।
फोन कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
रामेश्वर शर्मा की फोन कॉल डिटेल के जरिये भी पुलिस उनसे लगातार संपर्क में रहने वालों का रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इससे मामले को सुलझाने में मदद मिल सके। मामला 8 मई का है जब रामेश्वर शर्मा सुबह कार्यालय आए और यहां से बाद में आधे दिन की छुट्टी लेकर घर चला गया। दोपहर के समय जब उनकी पत्नी घर पहुंची तो उन्होंने अधिकारी को फंदे से लटके देखा। आननफानन में उन्हें आईजीएमसी अस्पताल ले जाया गया लेकिन यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसको लेकर पुलिस थाना छोटा शिमला में आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत केस दर्जकर मामले की जांच कर रही है।