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Shimla News: राजधानी में बरसात के चलते राजधानी में खोदाई कार्य पर रोक

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सरकारी और निजी सभी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा प्रतिबंध, खोदाई से भूस्खलन का रहता है खतरा
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अब पहाड़ी की तरफ नहीं कर सकते हैं खोदाई

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में मानसून के दौरान भूस्खलन की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने हिल कटिंग (पहाड़ की कटाई) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस संबंध में नगर निगम ने वीरवार को अधिसूचना जारी कर दी है।

आदेशों के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में सरकारी और निजी, दोनों तरह की परियोजनाओं में होने वाली हिल कटिंग पर अगले आदेशों तक प्रतिबंध रहेगा। निगम प्रशासन का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ों की कटाई से भूस्खलन और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, जिससे लोगों की जान-माल को नुकसान पहुंच सकता है। नगर निगम के अनुसार शहर के कई स्थानों पर निर्माण कार्यों के लिए की जा रही खोदाई और हिल कटिंग के कारण बरसात के दौरान मिट्टी खिसकने और चट्टानें गिरने का खतरा बना रहता है। इसको ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया है। नगर निगम वास्तुकार राजेश शर्मा ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की हिल कटिंग की अनुमति नहीं होगी। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जलवायु के अनुसार तैयार हो रहा प्लान
शिमला शहर के लिए यहां के जलवायु के अनुसार विकास के काम करने को लेकर प्लान तैयार हो रहा है। इसे लेकर वीरवार को भराड़ी में एक कार्यशाला हुई जिसमें नगर निगम के महापौर समेत अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। नगर निगम जर्मन एजेंसी जीआईजेड से इस योजना को तैयार कर रहा है। इसमें जलवायु पर आधारित योजनाएं तैयार की जा रही हैं। शिमला शहर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां किस तरीके से निर्माण कार्य होने चाहिए, इसके लिए क्या बेहतर सुझाव हो सकते हैं, इसे लेकर एजेंसी ने रिपोर्ट तैयार की है। अब इसे धरातल पर उतारना नगर निगम की जिम्मेदारी है। यह रिपोर्ट निगम को सौंप दी गई है। इसमें कई तरह के सुझाव और इस पर आधारित कार्य शामिल किए गए हैं।
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