पर्सिमन, प्लम और कीवी के पौधे भी सस्ती दरों पर मिलेंगे संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के मशोबरा और बसंतपुर विकास खंड के बागवानों का फलदार पौधों का इंतजार खत्म होना वाला है। उद्यान विभाग दोनों विकास खंडों के विक्रय केंद्रों पर 9 फरवरी से पौधों का वितरण शुरू कर देगा।
बारिश और बर्फबारी के बाद बगीचों में नए पौधे लगाने के लिए पर्याप्त नमी बनी हुई है जो नए पौधे लगाने के लिए सबसे अच्छा समय होता है। विभाग पहले चरण में किसानों को सेब, पर्सिमन (जापानी फल), प्लम, खुमानी (एप्रिकॉट) और कीवी के प्रमाणित तथा रोगमुक्त पौधे उपलब्ध करवाएगा। इसमें सेब (गाला किस्म) का पौधा 180 रुपये, खुमानी का प्लांट 90 रुपये, पर्सिमन 150 रुपये, प्लम 80 रुपये और कीवी का एक पौधा 100 रुपये में उपलब्ध करवाया जाएगा। उद्यान विभाग मशोबरा के विषय विशेषज्ञ डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि रविवार को देर रात तक विक्रय केंद्रों पर पौधों की सप्लाई पहुंच जाएगी। सोमवार से पहले आओ पहले पाओ के आधार पर बागवानों को पौधे बांटना शुरू कर दिए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों की बदलती जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पर्सिमन और कीवी जैसी वैकल्पिक फल फसलों को भी विशेष रूप से शामिल किया है। इससे बागवान पारंपरिक सेब के साथ विविधीकरण कर सकेंगे। विभाग ने सभी इच्छुक बागवानों से अपील की है कि वह समय पर संबंधित खंड कार्यालय से संपर्क कर अपनी आवश्यकता अनुसार पौधों की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करें। अधिक जानकारी के लिए मशोबरा ब्लॉक के किसान जितेंद्र ठाकुर (मोबाइल 9817693000) और बसंतपुर ब्लॉक के किसान नर्वदा (मोबाइल 9418432338) से संपर्क कर सकते हैं।
इनसेट गड्ढों में गोबर की खाद मिलाना लाभकारी : शरद गुप्ता
उद्यान विभाग मशोबरा के विषय विशेषज्ञ डॉ. शरद गुप्ता ने किसानों को सलाह दी है कि वह पौधे लेने से पहले खेतों में गड्ढों की उचित तैयारी कर लें। प्रत्येक गड्ढे में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या कंपोस्ट मिलाना लाभकारी रहेगा। इसके अलावा जल निकास की समुचित व्यवस्था भी आवश्यक है, क्योंकि जलभराव से पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। कीवी फसल के लिए सहारा प्रणाली (ट्रेलिस या बोवर सिस्टम) की पूर्व व्यवस्था और नर-मादा पौधों का संतुलित रोपण आवश्यक होगा। पर्सिमन और प्लम में भी उचित दूरी, धूप की उपलब्धता तथा शुरुआती वर्षों में पौध संरक्षण पर ध्यान देने की जरूरत है।