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उद्यमियों और सीएम में संवाद: एयरक्राफ्ट रिपेयर का उद्योग लगाने के लिए मांगी जमीन, नया एयरपोर्ट बनाने का विचार

Mon, 05 Jan 2026 10:48 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 कोई हिमाचल प्रदेश में जहाजों को रिपेयर करने का उद्योग लगाने को तैयार है तो किसी ने पार्किंग के लिए अंडरग्राउंड बंकर का भी सुझाव दिया। 
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से उद्यमियों से सीधा संवाद किया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीटरहॉफ शिमला में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सीधा संवाद किया। कोई हिमाचल प्रदेश में जहाजों को रिपेयर करने का उद्योग लगाने को तैयार है तो किसी ने पार्किंग के लिए अंडरग्राउंड बंकर का भी सुझाव दिया। सीएम ने कहा कि राज्य में पेट्रो फ्यूल ईंधन से चलित सभी 22 हजार टैक्सी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी वाहनों से बदला जाएगा। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार नई योजना लेकर आ रही है, जिसके तहत 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन से बसों को चलाने के लिए टेंडर जल्द होंगे। अगले हफ्ते 1000 वाहनों को इलेक्ट्रिक करने का टेंडर लगा रहे हैं। संवाद में ई-चार्जिंग स्टेशन बनाने वाले उद्योगपति राघव ने कहा कि सरकार का ईवी चार्जिंग कंपनियों के लिए क्या प्लान है। अगर चार्जर नहीं हैं तो लोग ईवी नहीं ले रहे हैं। इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग नजीम ने कहा कि राज्य सरकार तो एचआरटीसी की सभी 3200 बसों को भी ईवी में बदल रही है। मुख्यमंत्री ने शुरुआत में ही यह निर्णय लिया है।

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उद्योपति दीपेन गर्ग ने धारा 118 का मामला उठाया
उद्योपति दीपेन गर्ग ने धारा 118 के तहत प्रक्रिया को और सरल करने को कहा। छोटे उद्योगों के लिए जिला स्तर पर ही मंजूरी देने का मामला उठाया। कहा कि अगर कोई उद्योग लगाता है और नहीं चल पाता है तो उसे दोबारा बेचने या लीज पर देने के लिए बार-बार धारा 118 की अनुमति चाहिए। ये ऐसी औपचारिकताएं हैं, जो छोड़ी जा सकती हैं। उद्योग बंद हो रहे हैं। कालाअंब में उद्योगों के विकास पर ध्यान देने का मामला उठाया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि धारा 118 संवेदनशील मामला है। किसी को तंग करना इसका मकसद नहीं है। इस धारा को लाने में डॉ. वाईएस परमार का भी विजन कृषि भूमि को बचाने का रहा है। प्रदेश में 68 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से जुड़ी है। 75 लाख लोगों के पास केवल 32 प्रतिशत ही जमीन बच रही है। उसमें भी कुछ उद्योगों के पास जा रही है। यह भी देखना जरूरी है कि कहीं जमीन का इस्तेमाल रियल एस्टेट के लिए तो नहीं हो रहा है। फिर भी इस संबंध में एक विधेयक लाया गया है। अभी यह विधेयक सेलेक्ट कमेटी को भेजा गया है। वह उद्योगों की दिक्कतों को देखने का प्रयास करेंगे।
 

'हॉस्पिटैलिटी में करें निवेश, हम अपने होटल देने को तैयार'
सीएम ने निवेशकों से हॉस्पिटैलिटी में निवेश करने को कहा। सरकार अपने होटल में इस तरह के निवेश के लिए तैयार है। पर्यटन क्षेत्र में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं।  वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की भी शुरुआत की गई। किन्नौर के चूली के तेल, लाहौल के सीबकथोर्न, ऊना के आलू, चंबा का रूमाल, कांगड़ा की चाय को प्रदर्शित किया गया।

नालागढ़ में 300 एकड़ जमीन मिली तो टैंकों के स्पेयर पार्ट्स बनाएंगे: डीजे सिंह
इंडसरो डिफेंस एंड एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सेवानिवृत्त मेजर जनरल डीजे सिंह ने कहा कि वह टैंक का सामान बनाते हैं। जो जमीन ले रहे हैं, उसमें रोबोटिक्स, यूएबी, ड्रोन, टैंक के स्पेयर पार्ट आदि बनाने का उद्योग लगाने का सोच रहे हैं। नालागढ़ में विचार कर रहे हैं। इसके लिए 300 एकड़ जमीन मांगी है। 1000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

42 करोड़ से शुरू किया काम, आज टर्नओवर 360 करोड़ : माहेश्वरी
 स्टॉक मार्केट से जुड़ी सीए निधि माहेश्वरी ने कहा कि एमएसएमई से जुड़ी कंपनियां स्टॉक मार्केट में अच्छा परफॉर्म कर रही हैं। अगर तीन साल से कंपनी काम कर रही है और दो साल से लाभ में है तो स्टॉक मार्केट के लिए यह सूचीबद्ध हो सकती है। व्यवसाय आगे बढ़ता है तो कंपनियां मार्केट में आ सकती हैं। निधि माहेश्वरी ने कहा कि हिमाचल से एक फार्मा कंपनी मार्च 2017 में लिस्ट हुई थी। आज इस कंपनी ने 42 करोड़ से 360 करोड़ रुपए अपना कारोबार बढ़ा दिया है। हिमाचल की कंपनियां अच्छा काम कर रही हैं। 

महिला उद्यमियों से जानीं समस्याएं
पीटरहॉफ शिमला में करीब ढाई सौ महिला उद्यमियों से अलग से संवाद किया गया। इसमें उन्होंने उद्योगों को स्थापित करने में पेश आ रहीं बाधाओं के बारे में जानकारी दी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि यह एक अच्छा संवाद रहा। सरकार की ओर से उन्हें पेश आ रहीं समस्याओं का समाधान करने को लेकर आश्वस्त किया गया।
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सरकार को बंकर पार्किंग का सुझाव
उद्योगपति यशवंत गुलेरिया ने बिजली की दरों में रियायत देने का मामला उठाया। इस पर सुक्खू ने कहा कि उद्योगों के लिए बिजली का रेट कम होगा। बिजली का एआरआर कम किया गया है। इसे कम कर रहे हैं। उद्योगपति भारतेश कुमार जैन ने एयरक्राफ्ट की मरम्मत के लिए उद्योगों को जमीन देने की मांग की। इस पर जब मुख्यमंत्री ने पूछा कि इसके लिए तो हवाई जहाज के उतरने को भी जगह चाहिए। जैन ने कहा कि इसके लिए अलग से एयरपोर्ट बनाने पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिएएयरोनॉटिकल यूनिवर्सिटी हो सकती है। ड्रोन पर भी काम होगा। कहा कि 2000 से 4000 हजार एकड़ में यह काम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहाड़ियां हैं। इनमें पार्किंग के लिए अंडरग्राउंड बंकर बन सकते हैं। ये आधी दुनिया में बन चुके हैं। हमारे यहां कोई जानता नहीं हैं। रूस जैसे देशों में इसकी व्यवस्था है।
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