राजधानी के कई पैदल रास्ते और फुटपाथ स्मार्ट सिटी मिशन का करोड़ों रुपये फूंकने के बावजूद चलने लायक नहीं हैं। विक्ट्री टनल और कार्टरोड सब्जी मंडी के पास कई बार लोग तथा बच्चे फुटपाथ में हुए गड्ढों के कारण घायल हो चुके हैं। संवाददाता भारती शर्मा ने शहर का जायजा लिया। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट :-
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शिमला। शहर के फुटपाथों पर पैदल चलना अब खतरे का सफर बन रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के फुटपाथों और पैदल मार्गों की हालत खराब होती जा रही है। जगह-जगह टूटे फुटपाथ, हुए गड्ढे और गायब रेलिंग आम लोगों के लिए रोजाना खतरा बन चुके हैं।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पैदल यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। इसके लिए चौड़े फुटपाथ, बेहतर ड्रेनेज और सुरक्षा रेलिंग का प्रावधान किया था लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। हालात ऐसी है कि शहर में पैदल चलना किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं रहा। शिमला के विक्ट्री टनल, कार्टरोड सब्जी मंडी, टॉलैंड और छोटा शिमला जैसे व्यस्त इलाकों में फुटपाथों की स्थिति सबसे खराब है। विक्ट्री टनल में बिल्कुल टनल के सामने सीमेंट से बना फुटपाथ टुट गया है जिसे दोनों तरफ से तार लगाकर बंद कर दिया है, लेकिन इसे ठीक नहीं किया जा रहा। टनल के पास हर समय पुराना बस स्टैंड, लक्कड़ बाजार और न्यू बस स्टैंड से आने वाली गाड़ियों से जाम की स्थिति बनी रहती है। फुटपाथ बंद होने की वजह से लोगों को मजबूर सड़क से चलना पड़ता है जिससे हादसों का खतरा बड़ जाता हैं। कार्टरोड से सब्जी मंडी को जाने वाले फुटपाथ पर एक बड़ा गड्ढा बना हुआ है जिससे यदि किसी व्यक्ति का पैर भी फिसला तो आजीविका भवन की सड़क पर आकर गिरेगा। टॉलैंड के पास बरसात के दौरान गिरे पेड़ से फुटपाथ की रेलिंग टूट गई थी जिसे अभी तक ठीक नहीं किया है। इसके अलावा शहर में अन्य कई ढलानों पर सुरक्षा रेलिंग न होने से गिरने का खतरा बना रहता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए पैदल चलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई जगह तो फुटपाथ पर चलने के लिए लगी लोहे की चादरें भी सड़ना शुरू हो गई हैं जिस पर चलते समय डर लगा रहता है। लोगों ने मांग की है कि फुटपाथों की तत्काल मरम्मत करवाई जाए खतरनाक गड्ढों को भरा जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर मजबूत रेलिंग लगाई जाए। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
कभी भी हो सकती है दुर्घटना
सब्जी मंडी के फुटपाथ की हालत इतनी खस्ता है कि यहां पर कभी भी दुर्घटना हो सकती है। यहां का फुटपाथ टूट चुका है। इस रास्ते पर छोटी गाड़ियों की आवाजाही बहुत ज्यादा है। कई बार फुटपाथ के गड्ढे पर गाड़ियां लटक चुकी है। -संजय कालिया, प्रधान, सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन
जल्द होगी फुटपाथ की मरम्मत सब्जी मंडी के इस फुटपाथ के गड्ढों को पहले भी भरवाया है। अब दोबारा लोगों की मांग के अनुसार जल्द से जल्द इस फुटपाथ की मरम्मत की जाएगी, ताकि इस पर पैदल चलने वाले लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। ...सुषमा कुठियाला, नगर निगम पार्षद, राम बाजार - शिकायतों पर सिर्फ मिले आश्वासन विकास के नाम पर सिर्फ दिखावटी काम किए जा रहे हैं। ठेकेदारों और संबंधित विभागों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। कई बार संबंधित विभाग को शिकायतें भी दी गई है लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।