कंपनी को हर रोज लग रहा सात हजार जुर्माना, फिर भी नहीं करवाई जा रही मशीनों की मरम्मत
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मरीजों को स्कैन करवाने में झेलनी पड़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में सीटी स्कैन मशीन 10 अगस्त से बंद पड़ी है। हैरत इस बात की है कि 45 दिन बाद भी मशीन दुरुस्त नहीं हो पाई है। अस्पताल प्रशासन ने संबंधित कंपनी से बार-बार एंड ऑफ लाइफ सर्टिफिकेट मांगा लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं करवाया गया।
अस्पताल प्रबंधन ने कंपनी पर रोजाना 7 हजार रुपये जुर्माना लगाना जारी रखा है। अनुबंध शर्तों के मुताबिक, मशीन के ठप रहने पर हर दिन आर्थिक दंड लगाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अब तक लाखों रुपये का जुर्माना कंपनी को हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। आईजीएमसी में दो सीटी स्कैन मशीनें हैं। मुख्य मशीन 10 अगस्त से बंद है और वर्तमान में केवल आपातकालीन ब्लॉक की मशीन चल रही है। इस वजह से रोजाना होने वाले लगभग 50 से 100 सीटी स्कैन की मांग पूरी नहीं हो पा रही। मरीजों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार गंभीर मरीजों की जांच में देरी हो रही है, जिससे उपचार प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सड़क हादसों, दिमागी चोट और आंतरिक रक्तस्राव जैसे आपातकालीन मामलों में सीटी स्कैन में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कंपनी ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया है। न तो मशीन दुरुस्त की जा सकी और न ही एंड ऑफ लाइफ सर्टिफिकेट सौंपा गया। अस्पताल प्रशासन ने इस मुद्दे को सरकार के समक्ष भी रखा है। यदि आने वाले दिनों में भी स्थिति नहीं बदलती है तो कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नई मशीन की खरीद प्रक्रिया तेज की जाएगी।