उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के दायरे में लाने पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दिवाली पर कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर विचार करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपना परिवार, सुखी परिवार योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का बीमा देने का प्रावधान होगा।
पूर्व विधायक पर विश्वासघात का आरोप
मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक भविष्य जनता तय करेगी। उपचुनाव में क्षेत्र की जनता ने महिला विधायक को चुनकर अपने हितों की लड़ाई लड़ने का अवसर दिया। उन्होंने भाजपा पर नौ विधायकों को अपने पक्ष में कर प्रदेश सरकार गिराने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया।
स्पीति में प्रदेश के पहले बैटरी स्टोरेज सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण, 36 लाख यूनिट बिजली बनेगी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को लाहौल-स्पीति जिले में 116.28 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इस दौरान उन्होंने स्पीति घाटी के रोंगटोंग में प्रदेश के पहले बैटरी स्टोरेज से संचालित सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया। इसके अलावा काजा और समदो में विद्युत उपकेंद्रों की आधारशिला रखी तथा पिन घाटी और स्पीति में सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से जनजातीय और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी। साथ ही सड़क संपर्क बेहतर होने से स्थानीय लोगों, किसानों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा।
रोंगटोंग में 4.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सौर ऊर्जा संयंत्र की क्षमता दो मेगावाट है। इसके साथ एक मेगावाट-आवर क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित की गई है। समुद्र तल से लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस संयंत्र से प्रतिवर्ष करीब 36 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है। परियोजना का निर्माण कार्य 30 मई, 2023 को शुरू हुआ था और दिसंबर, 2024 में इसका संचालन आरंभ हो गया था। वित्त वर्ष 2024-25, 2025-26 और वर्तमान वित्त वर्ष में 30 सितंबर, 2026 तक इस संयंत्र से कुल 22,58,752 यूनिट बिजली का उत्पादन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को दर्शाती है। उन्होंने रोंगटोंग जलविद्युत परियोजना को पूरी तरह कार्यशील बनाने के लिए छह करोड़ रुपये खर्च करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में स्पीति के पहले दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता से जुड़ी समस्याएं उठाई थीं। सौर ऊर्जा संयंत्र का संचालन इन समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।