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HP Assembly Session: राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान पर बिफरा विपक्ष, पहले वेल में नारेबाजी, फिर बहिष्कार

Thu, 27 Nov 2025 03:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन (धर्मशाला)।

सार

विधानसभा शीत सत्र के दूसरे दिन की बैठक के शुरू होने से पहले भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर में पहले तो विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी नहीं करने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। भोजनावकाश के बाद विपक्ष ने सीएम के जवाब से असंतुष्ट होकर वाकआउट किया। 
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भाजपा विधायकों ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर किया प्रदर्श - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान पर बिफरे विपक्ष ने वीरवार को पहले वेल में नारेबाजी की और फिर सदन का बहिष्कार कर दिया। पंचायत चुनाव न करवाने को लेकर विपक्ष की ओर से नियम-67 के तहत लाए गए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश को कबाड़ करने वाले मुख्यमंत्री के तौर पर जाने जाएंगे। मिशन रिपीट के नाम पर इन्वेस्टर मीट के लिए पूर्व सरकार ने धर्मशाला में पीएम के लिए 18 करोड़ के तंबू लगा दिए, जबकि निवेशक 18 भी नहीं आए। भाजपा सदस्यों ने मंत्री के इन शब्दों पर आपत्ति जताते हुए पंचायत चुनाव की जगह अन्य मुद्दों को उठाने का विरोध विरोध किया।

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विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भोजनावकाश तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। लंच के बाद दोबारा मंत्री नेगी का वक्तव्य जारी रहने पर भाजपा विधायकों ने सदन से बहिष्कार कर दिया। जब ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह बोलने लगे तब विपक्षी सदस्य सदन में आए।

जगत सिंह नेगी और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर के बीच शुरू हुआ वाकयुद्ध अब शीत सत्र में भी शुरू हो गया। चर्चा में भाग लेते हुए मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र से उचित मदद नहीं मिलने समेत कई मुद्दों पर जयराम ठाकुर पर निशाने साधे। नेगी ने कहा कि लोगों को गुमराह करने के अलावा विपक्ष को कोई भी काम नहीं है। अगर विपक्ष ने साथ दिया होता तो हिमाचल को केंद्र से अच्छी मदद आ सकती थी। थुनाग में सबसे ज्यादा जेसीबी लगाई गईं। इन्होंने ड्रामा किया और अपने ठेकेदारों की जेसीबी खड़ी कर दी। आपदा के नाम पर लोगों से पैसे इकट्ठा करते भाजपा कार्यकर्ताओं में बांटे गए। जयराम ठाकुर को इस पर श्वेतपत्र लाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष रोज बयान देते हैं कि आपदा पीड़ितों को राहत नहीं मिल रही। बंजार में अधिक नुकसान हुआ है, जयराम ठाकुर सिर्फ सराज की ही बात करते हैं। कार्यकर्ताओं के कमरे खाली होने से रोकने के लिए ही जयराम ठाकुर ने बागवानी कॉलेज को शिफ्ट करने का विरोध किया। धर्म निरेपक्षता वाले देश में भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाने का काम करती है। पांच साल तक डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश की आर्थिक हालत खराब कर दी। 75 हजार करोड़ का कर्ज लेकर भाजपा नेताओं ने अगर घी नहीं पीया होता तो हालात ऐसे नहीं होते। भाजपा विधायकों ने प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए मदद नहीं की। इन्होंने सिर्फ गुमराह करने का काम किया।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अभी डिजास्टर एक्ट लागू है। अधिकारी आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में जाकर मूल्यांकन कर रहे हैं। एक्ट हटने पर ही प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव होंगे। जगत सिंह नेगी जब यह वक्तव्य दे रहे थे तब नेता विपक्ष जयराम ठाकुर सदन में नहीं थे। इसके बाद वह अचानक सदन में पहुंचे तो बोलने के लिए खड़े हो गए।
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नेता प्रतिपक्ष ने मांगा समय, न मिल भड़का विपक्ष
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष को बोलने के लिए समय देने की मांग की, पर जगत सिंह नेगी का वक्तव्य पूरा होने के बाद ही स्पीकर ने विपक्ष के नेता को बोलने को कहा। इस पर जयराम ठाकुर भड़क गए। भाजपा विधायक दल ने नारेबाजी शुरू कर दी। जयराम ठाकुर वेल की ओर बढ़े तो भाजपा विधायक दल भी उनके साथ वेल में गया और आसन का घेराव कर नारेबाजी करता रहा। जयराम ठाकुर सीएम के सामने पहुंचकर भी विरोध जताते रहे। हंगामे के बीच स्पीकर को सदन की कार्यवाही को भोजनावकाश के बाद के लिए स्थगित करना पड़ा। लंच के बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो दोबारा मंत्री नेगी ही बोलने लगे, इस पर विपक्ष ने सदन का बहिष्कार कर दिया।
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