विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भोजनावकाश तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। लंच के बाद दोबारा मंत्री नेगी का वक्तव्य जारी रहने पर भाजपा विधायकों ने सदन से बहिष्कार कर दिया। जब ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह बोलने लगे तब विपक्षी सदस्य सदन में आए।
जगत सिंह नेगी और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर के बीच शुरू हुआ वाकयुद्ध अब शीत सत्र में भी शुरू हो गया। चर्चा में भाग लेते हुए मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र से उचित मदद नहीं मिलने समेत कई मुद्दों पर जयराम ठाकुर पर निशाने साधे। नेगी ने कहा कि लोगों को गुमराह करने के अलावा विपक्ष को कोई भी काम नहीं है। अगर विपक्ष ने साथ दिया होता तो हिमाचल को केंद्र से अच्छी मदद आ सकती थी। थुनाग में सबसे ज्यादा जेसीबी लगाई गईं। इन्होंने ड्रामा किया और अपने ठेकेदारों की जेसीबी खड़ी कर दी। आपदा के नाम पर लोगों से पैसे इकट्ठा करते भाजपा कार्यकर्ताओं में बांटे गए। जयराम ठाकुर को इस पर श्वेतपत्र लाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष रोज बयान देते हैं कि आपदा पीड़ितों को राहत नहीं मिल रही। बंजार में अधिक नुकसान हुआ है, जयराम ठाकुर सिर्फ सराज की ही बात करते हैं। कार्यकर्ताओं के कमरे खाली होने से रोकने के लिए ही जयराम ठाकुर ने बागवानी कॉलेज को शिफ्ट करने का विरोध किया। धर्म निरेपक्षता वाले देश में भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाने का काम करती है। पांच साल तक डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश की आर्थिक हालत खराब कर दी। 75 हजार करोड़ का कर्ज लेकर भाजपा नेताओं ने अगर घी नहीं पीया होता तो हालात ऐसे नहीं होते। भाजपा विधायकों ने प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए मदद नहीं की। इन्होंने सिर्फ गुमराह करने का काम किया।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अभी डिजास्टर एक्ट लागू है। अधिकारी आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में जाकर मूल्यांकन कर रहे हैं। एक्ट हटने पर ही प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव होंगे। जगत सिंह नेगी जब यह वक्तव्य दे रहे थे तब नेता विपक्ष जयराम ठाकुर सदन में नहीं थे। इसके बाद वह अचानक सदन में पहुंचे तो बोलने के लिए खड़े हो गए।