स्वास्थ्य विभाग से जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति या खाद्य व्यवसाय संचालक एनालॉग अथवा गैर-दुग्ध पनीर का निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति या बिक्री पनीर के रूप में नहीं कर सकेगा। ऐसे उत्पादों को विज्ञापन, डिसप्ले या अन्य किसी माध्यम से भी पनीर के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकेगा। होटल, रेस्तरां, ढाबे, कैटरिंग संस्थान, कैंटीन, मेस और अन्य खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों को भी विशेष सावधानी बरतनी होगी।
यदि किसी व्यंजन में एनालॉग या गैर-दुग्ध पनीर का उपयोग किया गया है तो उसे असली पनीर बताकर मेन्यू, बिल, डिसप्ले व विज्ञापन में प्रस्तुत नहीं किया जा सकेगा। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमों के उल्लंघन पर सैंपल लेने और कानूनी कार्रवाई करने के अधिकार होंगे। जरूरत पड़ने पर उत्पाद को जब्त करने, वापस मंगाने, नष्ट करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकेगी।