दिल्ली पुलिस की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी यूथ कांग्रेस नेता सौरभ और अरजाब एआई समिट के दौरान टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने में शामिल थे। ये प्रदर्शन करने के बाद पुलिस गिरफ्तारी से बच गए थे और दिल्ली से तीनों हिमाचल प्रदेश भाग गए। तीनों आरोपी दो दिन पहले दिल्ली आ गए थे और यूथ कांग्रेस की यूथ कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में शामिल थे। यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन के लिए जो एआई समिट व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, उसके लिए एडमिन भी थे।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हालांकि एआई समिट प्रदर्शन मामले की जांच नई दिल्ली जिला पुलिस से लेकर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की इंटरस्टेट सेल को दी गई है। मगर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व अन्य यूनिटों को भी जांच में लगाया हुआ है। स्पेशल सेल की नई दिल्ली रेंज में तैनात एसीपी राहुल विक्रम व इंस्पेक्टर सतीश राणा की टीम आरोपियों को पकड़ने हिमाचल प्रदेश गई थी। इंस्पेक्टर सतीश राणा की टीम ने ही इनको वीरवार को पटियाला कोर्ट में पेश किया। देर शाम को तीनों आरोपी नेताओं का मेडिकल कराने के बाद अपराध शाखा की इंटर स्टेट सेल को सौंप दिया गया।
हालांकि, शिमला पुलिस की तत्काल कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह की भी सरकार ने पीठ थपथपाई है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी इस पूरे मामले पर मुख्य सचिव और डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता की अध्यक्षता में वीरवार को डीजीपी अशोक तिवारी और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ दिल्ली- हिमाचल पुलिस में टकराव के मामले में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्य सचिव ने पुलिस की कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। चिंता जाहिर की गई कि दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस दो दिन यहां रही और रोहड़ू तक पहुंच गई। वहां से तीनों युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी उठाकर ले गई। हालांकि, शिमला पुलिस को इसकी सूचना मिली तो उन्हें शोघी में नाका लगाकर रोक लिया गया। ऐसे में सीआईडी और पुलिस के इंटेलिजेंस विंग को इसका क्यों पता नहीं लगा।