पीआईटी एनडीपीएस एक्ट में आदतन तस्करों को सीधे तीन महीने के लिए जेल भेजने का प्रावधान है। इस अवधि को सलाहकार बोर्ड की अनुमति से बढ़ाया भी जा सकता है। सीआईडी ने पिछले दिनों नशा तस्करी में सक्रिय रूप से संलिप्त आरोपियों की पहचान करने के लिए विशेष अभियान चलाया था। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे लोगों को चिह्नित करने काम शुरू किया गया। इसके तहत पुलिस ने 700 से अधिक मामलों की गहनता से पड़ताल की और विभाग की खुफिया रिपोर्टों और पुराने एनडीपीएस के मामलों की जांच के बाद 300 लोगों को चिह्नित किया है। यह आदतन नशा तस्कर कई बार एनडीपीएस एक्ट के केस दर्ज होने के बाद भी तस्करी में संलिप्त है। इसमें कई ऐसे आरोपियों की पहचान भी की गई है जोकि पुलिस के चकमा देकर पकड़े नहीं जाते हैं लेकिन उनके बारे में जांच एजेंसी को खुफिया इनपुट मिलते रहते हैं।
प्रदेश में चिट्टे की 90 फीसदी तस्करी पंजाब से हो रही है। पाकिस्तान के रास्ते पंजाब की सीमा से ड्रग माफिया देश की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने के लिए नशा पहुंचा रहा है, जो यहां से स्थानीय सप्लायरों के जरिये प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंच रहा है। राजधानी में दिल्ली में अफ्रीकी मूल के नशा तस्करी से जुड़े लोग चिटूटा तैयार करके तस्करी कर रहे हैं। प्रदेश में नशे के आदी युवाओं को नशे और पैसे का लालच देकर इसकी तस्करी में संलिप्त किया जाता है। यही वजह है कि अब पुलिस प्रदेश में ऐसे तस्करों को चिह्नित कर रही है, जो नशे की तस्करी में संलिप्त है।