अमेरिका में इस दिन को महिला समानता दिवस के रूप में मनाते हैं। लिंग समानता का मुद्दा अकेले अमेरिका की समस्या नही है। बहुत सारे देश इस असमानता से जूझ रहे हैं। जहां पर इस बारे में लोगों की मानसिकता को बदलने की जरूरत है। अमेरिका के साथ ही महिलाओं की समानता का मुद्दा अब अन्तरराष्ट्रीय बन गया है। इस दिन को भारत में भी मनाया जाता है। अब महिला समानता दिवस अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाने लगा है।
अमेरिका में महिला अधिकारों की लड़ाई 1853 से शुरू हुई थी। जिसमें सबसे पहले विवाहित महिलाओं ने संपत्ति पर अधिकार मांगना शुरू किया था। उस समय अमेरिका में भी महिलाओं की स्थिति आज के जैसी नही थी। वोटिंग के अधिकार के लिए हुई लड़ाई में महिलाओं को 1920 में जीत हासिल हुई। वहीं भारत में भी महिलाओं को वोट करने का अधिकार ब्रिटिश शासन काल में ही मिल गया था। अमेरिका में 26 अगस्त को वुमन इक्वीलिटी डे के रूप में मनाते हैं। जिसके बाद इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाने लगे।