मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश के सिवनी में गौ हत्या के शख में दो आदिवासियों की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में याचिका दायर की गई है। याचिका में मांग की गयी है कि घटना की निर्धारित समय सीमा में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन तथा जस्टिस नंदिता दुबे की युगलपीठ ने याचिका ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद रेगुलर बैंच के समक्ष पेश करने के निर्देश जारी किये हैं।
गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ सिवनी के जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार कुमरे की तरफ से दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि गौहत्या के शक में ग्राम सिमरिया निवासी दो आदिवासी युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी। इसके अलावा एक युवक मारपीट के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था। याचिका में कहा गया था कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। याचिका में मांग की गयी है कि घटना की निष्पक्ष जांच निर्धारित समय में किये जाने के लिए न्यायालय आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें। याचिका में प्रदेश के केन्द्र सरकार, प्रमुख सचिव गृह विभाग, चेयरमैन नेशनल कमीशन फॉर एसटी, चेयरमैन नेशनल कमीशन फॉर एससी, चेयरमैन एनएचआरसीआई को अनावेदक बनाया गया था। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने रेगुलर बेंच में सुनवाई के आदेश जारी किए।