मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में पांच बाघों की मौत के बाद देशभर के टाइगर रिजर्व में सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) द्वारा जारी हाई अलर्ट एडवाइजरी के बाद राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में भी वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) को बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
रणथंभौर में फिलहाल इस वायरस की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए वन विभाग लगातार निगरानी और जांच अभियान चला रहा है। रणथंभौर में वर्तमान में 77 बाघ, बाघिन और शावक मौजूद हैं, ऐसे में वन प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।
गांव-गांव जाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक
रणथंभौर के फील्ड डायरेक्टर शारदा प्रताप सिंह ने बताया कि NTCA की एडवाइजरी के बाद सभी वनकर्मियों की बैठक लेकर उन्हें कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई है। वन विभाग की टीमें अब रणथंभौर से सटे गांवों में जाकर ग्रामीणों को भी जागरूक कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा, क्योंकि यह वायरस मुख्य रूप से कुत्तों से बाघों और अन्य वन्यजीवों में फैलता है।
पानी और मिट्टी के सैंपल की हो रही जांच
वन विभाग ने रणथंभौर क्षेत्र में पानी, मिट्टी और वन्यजीवों के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। अब तक की रिपोर्ट में किसी भी वन्यजीव में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि उन इलाकों को चिन्हित किया गया है, जहां बाघों और कुत्तों के एक ही जलस्रोत पर आने की संभावना रहती है। सबसे पहले उन्हीं क्षेत्रों में कुत्तों का टीकाकरण कराया जाएगा।
ये भी पढ़ें-
Rajasthan Heatwave Alert: नौतपा से पहले ही तपने लगा राजस्थान; 19 जिलों में लू का अलर्ट
जोधपुर बायोलॉजिकल पार्क में भी मिला था वायरस
वन विभाग की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि जोधपुर बायोलॉजिकल पार्क में एक भेड़िए की मौत कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से होने की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद रणथंभौर, सरिस्का और अन्य टाइगर रिजर्व में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। रणथंभौर के वेटेनरी डॉक्टर सीपी मीणा ने बताया कि यह वायरस बेहद घातक है और इससे बाघ, पैंथर समेत कई वन्यजीवों की मौत हो सकती है। फिलहाल लगातार सैंपलिंग और मॉनिटरिंग की जा रही है।
बाघों की मॉनिटरिंग बढ़ाई गई
वन विभाग ने रणथंभौर में बाघों और अन्य वन्यजीवों की निगरानी बढ़ा दी है। संदिग्ध मामलों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। साथ ही पशुपालन विभाग से भी समन्वय स्थापित कर रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल रणथंभौर में सभी वन्यजीव स्वस्थ पाए गए हैं और वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है।