सार
राजस्थान में निजी स्कूल संचालकों ने आरटीई भुगतान में देरी, अनावश्यक जांच और प्रशासनिक दबाव के विरोध में सरकार को चेतावनी दी है। मांगें 15 अगस्त तक नहीं मानी गईं तो 21 अगस्त को जयपुर में विधानसभा का घेराव और अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
राजस्थान में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर निजी स्कूल संचालकों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्कूल शिक्षा परिवार राजस्थान संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम विधायक के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 21 अगस्त 2026 को जयपुर में विधानसभा का घेराव किया जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
निजी स्कूल संचालकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग लगातार मनमाने आदेश जारी कर रहा है। विद्यालयों में बार-बार अनावश्यक जांच कराई जा रही है और आरटीई के तहत भुगतान में भी लगातार देरी हो रही है। उनका कहना है कि लंबे समय से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे प्रदेशभर के निजी विद्यालयों के संचालन और कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर भी असर पड़ रहा है।
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संगठन ने मांग की है कि निजी विद्यालयों में होने वाली अनावश्यक जांचों पर तत्काल रोक लगाई जाए। भविष्य में किसी भी जांच से पहले संगठन को विश्वास में लिया जाए। आरटीई के तहत लंबित भुगतान डीबीटी के माध्यम से समय पर किया जाए तथा भुगतान में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
इसके अलावा, फीस नियमन की प्रक्रिया को सरकारी विद्यालयों की तर्ज पर सरल बनाने, अनावश्यक प्रशासनिक दबाव खत्म करने और गैर-सरकारी विद्यालयों के कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा तथा ईएसआई जैसी सुविधाएं लागू करने की भी मांग की गई है।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा के आह्वान पर ब्लॉक अध्यक्ष उमेश कुमार शर्मा ने कहा कि यदि 15 अगस्त तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के निजी स्कूल संचालक 21 अगस्त को जयपुर में विधानसभा का घेराव करेंगे।