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राजस्थान: पंचायत चुनाव में जेठानी-देवरानी आमने-सामने, भाजपा से नख्तू देवी तो कांग्रेस से रामप्यारी मैदान में

Sun, 18 Oct 2026 03:38 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

बीकानेर के बज्जू पंचायत समिति के वार्ड संख्या एक में भाजपा की नख्तू देवी चंदेल और कांग्रेस की रामप्यारी चंदेल आमने-सामने हैं। दोनों सगी देवरानी-जेठानी हैं। आरक्षण के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच इस मुकाबले पर क्षेत्र की नजरें टिकी हैं।

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भाजपा और कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बज्जू पंचायत समिति के वार्ड संख्या एक में पंचायत चुनाव का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां भाजपा ने जेठानी नख्तू देवी चंदेल को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने देवरानी रामप्यारी चंदेल को चुनाव मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशी सगे भाइयों की पत्नियां हैं। एक ही परिवार की दो बहुओं के अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ने के कारण इस मुकाबले ने क्षेत्र में लोगों का ध्यान खींचा है।

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आरक्षण से बदले चुनावी समीकरण
बज्जू खालसा पंचायत समिति में प्रधान पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए। इसके चलते प्रमुख राजनीतिक दलों को पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों के चयन में मशक्कत करनी पड़ी। इसी प्रक्रिया के तहत दोनों प्रमुख दलों ने एक ही परिवार की दो बहुओं को प्रत्याशी बनाया। इस वार्ड में बरसलपुर, भुरासर और गोकुल राजस्व गांव शामिल हैं।

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जेठानी-देवरानी के बीच चुनावी मुकाबला
भाजपा ने दीपाराम चंदेल की पत्नी नख्तू देवी को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने दीपाराम के छोटे भाई राजाराम चंदेल की पत्नी रामप्यारी को प्रत्याशी बनाया है। दोनों के ससुर रामूराम चंदेल हैं। अब परिवार की दोनों बहुएं अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थन से चुनाव मैदान में हैं और मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रही हैं।
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मतदाताओं के फैसले पर टिकी नजरें
इस मुकाबले में दोनों प्रत्याशियों के सामने अपने-अपने दलों के समर्थकों को एकजुट करने और मतदाताओं का विश्वास जीतने की चुनौती है। दोनों दलों के कार्यकर्ता अपने प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि वार्ड के मतदाता किस प्रत्याशी पर भरोसा जताते हैं और चुनावी मुकाबले में किसे जीत मिलती है।

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