शहर की प्रतिष्ठित व्यास कॉलोनी में बुधवार रात एक रिहायशी मकान की ऊपरी मंजिल पर स्थित रुई, प्लास्टिक और हैंडीक्राफ्ट सामग्री के गोदाम में लगी भीषण आग ने पूरे मोहल्ले को दहला दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लाखों रुपये की मशीनें, कीमती कच्चा माल और अन्य सामग्री पूरी तरह जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि पड़ोसियों की तत्परता और दमकल की त्वरित कार्रवाई से किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस हादसे ने रिहायशी क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मकान मालिक कैलाश अग्रवाल के तीन मंजिला आवास की दूसरी मंजिल पर लगे एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी। देखते ही देखते लपटें तीसरी मंजिल पर बने गोदाम तक पहुंच गईं, जहां रुई, प्लास्टिक आइटम्स, हैंडीक्राफ्ट सामग्री और गद्दे बनाने का कच्चा माल भरा हुआ था। ज्वलनशील सामग्री के कारण आग विकराल रूप धारण कर गई और पड़ोसी मकानों को भी अपनी चपेट में लेने लगी।
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जानकारी के अनुसार रात करीब 10:30 बजे आग लगने की सूचना मिलते ही मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं लेकिन संकरी गलियां और भीड़ के कारण बचाव कार्य में भारी चुनौती आई। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका और एक बड़ा हादसा होने से टल गया क्योंकि गोदाम में मौजूद हवा से भरा एक भारी कंप्रेसर अगर फट जाता तो पूरी कॉलोनी खतरे में पड़ सकती थी।
पड़ोसी सुनील गौड़ ने घटना का ब्यौरा देते हुए कहा कि खिड़की से लपटें उठती दिखीं तो मैंने तुरंत शोर मचाया, परिवार को जगाया और मुख्य बिजली कटवाई। अगर 10 मिनट की भी देरी हो जाती तो आग कम से कम 10 घरों को अपनी चपेट में ले लेती। पड़ोसियों की सजगता से निचली मंजिल में रहने वाला परिवार सुरक्षित बाहर निकल आया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
इस अग्निकांड ने स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मकान में कोई फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर सिस्टम या अन्य अग्निशमन यंत्र नहीं था और रिहायशी इलाके में रुई से गद्दे और हैंडीक्राफ्ट सामग्री बनाने का कारखाना बिना किसी अनुमति या सुरक्षा मानकों के चल रहा था। स्थानीय निवासियों ने रोष जताते हुए पूछा है कि नगर परिषद और फायर विभाग ने ऐसी जोखिम भरी गतिविधियों को कैसे अनदेखा किया? क्या नियमित निरीक्षण नहीं होते? निवासियों का कहना है कि व्यास कॉलोनी जैसे पॉश इलाके में ऐसी घटनाएं आम हो रही हैं, जहां घरों में गोदाम बना लिए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं होती।
घटना के बाद पुलिस और फायर विभाग की टीम ने मौके पर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में शॉर्ट सर्किट को मुख्य कारण बताया गया है। नगर परिषद अधिकारियों ने कहा है कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी लेकिन स्थानीय लोगों को इस पर भरोसा नहीं है।