सार
तालछापर में माइक फेंकने की घटना पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सार्वजनिक माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका गुस्सा बच्चों पर नहीं, बल्कि माहौल बिगाड़ने वालों पर था। बेनीवाल ने भविष्य में संयम बरतने और जल्द तालछापर में फिर जनसभा करने की घोषणा की।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने तालछापर में मंच से माइक फेंकने और भाषण बीच में छोड़कर चले जाने की घटना पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। सरदारशहर के दलमान गांव में आयोजित संगठनात्मक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इस घटना पर गहरा खेद जताया। बेनीवाल ने हाथ जोड़कर जनता से माफी मांगते हुए कहा कि उस दौरान मंच के सामने बैठे मासूम बच्चों की कोई गलती नहीं थी।
सभा को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा कि तालछापर का कार्यक्रम ऐतिहासिक था, जिसमें करीब 20 हजार युवा शामिल हुए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका गुस्सा मंच के सामने बैठे बच्चों पर नहीं, बल्कि पीछे मौजूद कुछ ऐसे लोगों पर था जो जानबूझकर कार्यक्रम का माहौल बिगाड़ रहे थे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कई वरिष्ठ नेताओं और शुभचिंतकों ने उन्हें संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में अपने गुस्से पर नियंत्रण रखेंगे और केवल जनहित के मुद्दों या प्रशासनिक अव्यवस्था के खिलाफ ही सख्त रुख अपनाएंगे।
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गौरतलब है कि 2 अगस्त 2026 की रात करीब 11:30 बजे तालछापर में आरएलपी के नए कार्यालय के उद्घाटन और कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान भाषण के समय शोर-शराबा होने लगा था। सांसद ने दो-तीन बार लोगों से शांत रहने की अपील की, लेकिन शोर नहीं थमने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए माइक फेंक दिया और मंच छोड़कर चले गए थे। अब सरदारशहर की सभा में उन्होंने घोषणा की कि वे जल्द ही फिर तालछापर जाएंगे और हेलीकॉप्टर से पहुंचकर एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे।