जालोर जिले के झाब पंचायत समिति को यथावत रखने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आज उग्र रूप में सामने आया। झाब को पंचायत समिति का दर्जा हटाकर भादरुणा को पंचायत समिति घोषित किए जाने के विरोध में पिछले 15 दिनों से जारी धरने के तहत आज हजारों की संख्या में लोग ट्रैक्टर रैली के रूप में चितलवाना उपखण्ड कार्यालय पहुंचे। रैली में आसपास के कई गांवों के ग्रामीण, किसान, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं।
ट्रैक्टर रैली ने उपखण्ड कार्यालय तक किया मार्च
धरना स्थल से निकली ट्रैक्टर रैली झाब, बोरली, तेतरोल, सिवाड़ा सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई उपखण्ड कार्यालय पहुंची। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने झाब पंचायत समिति को बहाल करने, सरकार के फैसले को वापस लेने और जनभावनाओं का सम्मान करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। जैसे ही रैली उपखण्ड कार्यालय पहुंची, माहौल तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जबरदस्ती उपखण्ड कार्यालय परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया।
पुलिस ने स्थिति संभाली
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर तैनात पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को उपखण्ड कार्यालय में प्रवेश से रोका। इस दौरान कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
प्रदर्शनकारियों की मांग और चेतावनी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले झाब को पंचायत समिति का दर्जा दिया गया था और बाद में उसे निरस्त कर भादरुणा को पंचायत समिति घोषित कर दिया गया, जो झाब क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही झाब को फिर से पंचायत समिति का दर्जा नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे।
धरने का नेतृत्व कर रहे भाजपा के जिला उपाध्यक्ष महेंद्रसिंह ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन सरकार की अनदेखी के कारण लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यह जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा है और सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए। वहीं प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेकर उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
धरना लगातार 16वें दिन भी जारी
बताया जा रहा है कि पंचायत समिति झाब को यथावत रखने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन 15 दिन से लगातार जारी है और 16वें दिन भी धरना जारी है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक झाब पंचायत समिति का दर्जा पुनः नहीं दिया जाता, धरना जारी रहेगा और आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।