विधानसभा में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी (फाइल फोटो)
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राजस्थान विधानसभा में शिव विधायक रविंद्र भाटी ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान साइबर ठगी का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है और इस मामले में राज्य देश में शीर्ष स्थान पर है। उनके अनुसार, यह स्थिति कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
शिकायतों में बढ़ोतरी के आंकड़े
विधायक भाटी ने सदन को बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 1.27 लाख से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या एक लाख थी। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में साइबर अपराधों में सीधे-सीधे 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने के बावजूद एक प्रतिशत मामलों में भी एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है। उनके अनुसार, यह स्थिति पीड़ितों के लिए न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया को कठिन बनाती है।
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शिकायतकर्ताओं को भटकाने का आरोप
रविंद्र भाटी ने आरोप लगाया कि थानों में शिकायत लेकर जाने वाले लोगों को साइबर थानों में भेजकर इधर-उधर भटकाया जाता है। उन्होंने कहा कि एक लाख रुपये से कम की साइबर ठगी के मामलों में साइबर थाने प्रकरण दर्ज नहीं करते। विधायक ने कहा कि यदि किसी गरीब व्यक्ति के साथ 50-60 हजार रुपये की ठगी हो जाती है, तो उसके लिए वह भी बहुत बड़ी राशि होती है। ऐसे मामलों में शिकायत दर्ज न होना आम नागरिकों के लिए चिंता का विषय है।
साइबर सेल मजबूत करने की मांग
सदन में अपने वक्तव्य के दौरान विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि 350 कर्मियों की मजबूत साइबर सेल टीम बनाने की योजना को जल्द लागू किया जाए। उनका कहना था कि प्रभावी और प्रशिक्षित टीम के बिना साइबर अपराधों पर नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बढ़ते डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों के दौर में साइबर अपराधों पर सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है ताकि आमजन का विश्वास कायम रह सके।