राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार थम गई है। अधिकांश जिलों में बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस बढ़ गई है, लेकिन अब मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के अनुसार, चार सक्रिय वेदर सिस्टम के असर से 21 जुलाई से प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने लगेगा। पहले पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ेगी, जबकि 22 और 23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य-राजस्थान में भी अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
फिलहाल 3-4 दिन कमजोर रहेगा मानसून
आईएमडी के मुताबिक 18 जुलाई को भी प्रदेश में किसी बड़े बारिश के सिस्टम का असर नहीं रहेगा। कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। इसी वजह से जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने पूरे राजस्थान को ग्रीन जोन में रखा है। प्रदेश के किसी भी जिले के लिए भारी बारिश या आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
ये चार वेदर सिस्टम बदलेंगे मौसम
मौसम विभाग के अनुसार चार प्रमुख मौसम प्रणालियां अगले सप्ताह राजस्थान में बारिश बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
1. बंगाल की खाड़ी का लो प्रेशर एरिया
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर सामान्य लो प्रेशर एरिया में बदल गया है। यह वर्तमान में पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास बना हुआ है।
2. सक्रिय मानसून ट्रफ
मानसून ट्रफ अमृतसर, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके सक्रिय होने से नमी की आपूर्ति बढ़ेगी।
3. पश्चिमी विक्षोभ
उत्तर पाकिस्तान और आसपास 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके साथ ऊपरी स्तर पर ट्रफ भी बनी हुई है।
4. दो चक्रवाती परिसंचरण
पूर्वी उत्तर प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। ये दोनों सिस्टम स्थानीय स्तर पर बादल बनने और बारिश की गतिविधियां बढ़ाने में मदद करेंगे।
21 जुलाई से बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई से सबसे पहले कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग सहित पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। इसके बाद 22 और 23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य राजस्थान में भी मानसून सक्रिय होने लगेगा। 23 से 28 जुलाई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।
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श्रीगंगानगर सबसे गर्म, उमस से राहत नहीं
प्रदेश में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, शाम 5:30 बजे तक राज्य में सापेक्ष आर्द्रता 30 से 50 प्रतिशत के बीच रही। अधिक तापमान और नमी के कारण अधिकांश जिलों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ा।
इन संभागों में हल्की बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। जोधपुर संभाग में भी कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने की संभावना है। दूसरी ओर जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ सहित अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। दोपहर बाद बादल बनने से कुछ स्थानों पर हल्की फुहारें पड़ सकती हैं।
जयपुर में गर्मी और उमस बरकरार
जयपुर में 18 जुलाई को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बादलों की आवाजाही के बावजूद गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 18 और 19 जुलाई को मौसम की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलती रहेंगी और कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है।