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Rajasthan: पीएम मोदी के अजमेर दौरे को लेकर करणी सेना का विरोध, UGC कानून के खिलाफ काले झंडे दिखाने का एलान

Mon, 23 Feb 2026 10:19 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 फरवरी के अजमेर दौरे पर करणी सेना ने यूजीसी कानून के विरोध में काले झंडे दिखाने का एलान किया है। 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में महाआंदोलन की घोषणा की गई है। विरोध शांतिपूर्ण रखने की बात कही गई।
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पीएम नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे को लेकर विरोध में काले झंडे दिखाएगी करणी सेना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जयपुर में करणी सेना और सवर्ण समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी अजमेर दौरे के दौरान विरोध-प्रदर्शन करने का एलान किया है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि यूजीसी कानून को लेकर समाज में भारी नाराजगी है। इसी के विरोध में अजमेर में होने वाली रैली के दौरान बड़ी संख्या में युवा काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराएंगे और ‘यूजीसी रोलबैक’ के नारे लगाए जाएंगे।

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विकास कार्यों के बीच विरोध की तैयारी
महिपाल सिंह मकराना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को अजमेर दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान लगभग 23,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही रोजगार उत्सव के तहत करीब 21 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। करणी सेना का कहना है कि सरकार एक ओर विकास और रोजगार की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर यूजीसी कानून के माध्यम से युवाओं और समाज के हितों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
 
दिल्ली में महाआंदोलन की घोषणा
मकराना ने बताया कि यूजीसी कानून के विरोध में 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में देशव्यापी महाआंदोलन आयोजित किया जाएगा। उनका दावा है कि इस आंदोलन को देश के सैकड़ों सामाजिक और छात्र संगठनों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 13 जनवरी से देशभर में इस कानून के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और अब यह आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच रहा है।
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सर्वोच्च न्यायालय में मामला लंबित
प्रेस वार्ता में मौजूद स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को 19 मार्च तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है। उनके अनुसार यूजीसी कानून में कई गंभीर कमियां हैं, जो विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और सामाजिक संतुलन को प्रभावित करती हैं। उन्होंने सरकार से कानून वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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शांतिपूर्ण विरोध का दावा
आयोजकों के अनुसार 8 मार्च को होने वाले महाआंदोलन में राजस्थान से करीब 500 बसों के जरिए लोग दिल्ली पहुंचेंगे। इसके अलावा ट्रेन और निजी वाहनों से भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल होंगे। करणी सेना ने दोहराया कि प्रधानमंत्री के अजमेर दौरे के दौरान विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन अपनी मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।

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