सार
पेपर लीक विवादों से घिरे RPSC में राज्य सरकार ने तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की है। पूर्व IPS हेमंत प्रियदर्शी, डॉ. अशोक कलवार और सुशील बिस्सू को नियुक्त किया गया है। दो सदस्य RSS पृष्ठभूमि से हैं। आदेश कार्मिक विभाग ने जारी किए।
पेपर लीक के बाद संदेह से देखी जा रही राजस्थान की सबसे बड़ी रिक्रूटमेंट एजेंसी RPSC (राजस्थान लोक सेवा आयोग) में राज्य सरकार ने मंगलवार को तीन सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। इनमें पूर्व आईपीएस हेमंत प्रियदर्शी, डॉ. अशोक कुमार कलवार और सुशील कुमार बिस्सू शामिल हैं। कार्मिक विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें डॉ. अशोक कुमार कलवार और सुशील कुमार बिस्सू हार्डकोर आरएसएस पृष्ठभूमि से आते हैं। इनमें डॉ. अशोक कुमार कलवार मेडिकल बैकग्राउंड से हैं और चूरू के सरदार शहर से
ताल्लुक रखते हैं। वहीं सुशील कुमार बिस्सू रूटा के महामंत्री रहे हैं।

पिछली सरकार में पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद आरपीएससी विवादों में आ गई थी। इसकी साख दांव पर लग गई थी।
पेपर लीक केस में आरपीएससी के सदस्य बाबू लाल कटारा और पूर्व सदस्य रामू राम राइका को गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा हाल में मंजू शर्मा ने आरपीएससी के सदस्य से इस्तीफा दे दिया था। आरपीएससी में मौजूदा समय में चेयरमैन उत्कल रंजन साहू के अलावा 5 सदस्य हैं। जिनमें से एक बाबू लाल कटारा हैं जो पेपर लीक केस में निलंबित चल रहे है। वहीं 5 सदस्यों के पद खाली थे जिनमें से तीन पर आज नियुक्ति कर दी गई है।
गौरतलब है कि पेपर लीक कांड के बाद आरपीएससी लगातार विवादों में घिरी रही। यहां तक की एसओजी की जांच में आरपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन पर भी अंगुली उठने लगी थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने पेपरलीक मामले की सुनवाई करते हुए आरपीएससी को घर का भेदी बताते हुए इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।