राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर जनकल्याणकारी योजनाओं की आपूर्ति रोककर उन्हें बंद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत बांटे जाने वाले मिल्क पाउडर की आपूर्ति बाधित होने से बच्चों को दूध नहीं मिल पा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था कि योजनाएं बंद नहीं होंगी, लेकिन सरकार अब आधिकारिक आदेश जारी किए बिना चुपचाप आपूर्ति रोक रही है।
स्कूलों में ठप हुई दूध की आपूर्ति
अशोक गहलोत ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले तीन महीने में केवल 41.9 प्रतिशत मिल्क पाउडर की ही आपूर्ति हो सकी है। भरतपुर, अलवर, उदयपुर, धौलपुर, डीग, खैरथल, बूंदी, नागौर, करौली, जैसलमेर, डीडवाना-कुचामन, बारां, बीकानेर, कोटपूतली-बहरोड़, पाली तथा प्रतापगढ़ जैसे 16 जिलों में अप्रैल से सितंबर 2026 की मांग के बावजूद दूध की आपूर्ति शुरू नहीं की गई है। उन्होंने इसे सोची-समझी रणनीति बताया, जिससे योजनाएं अपने आप दम तोड़ दें।
पन्नाधाय बाल गोपाल योजना का गणित
राज्य वित्त पोषित पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को सप्ताह में छह दिन दूध उपलब्ध कराया जाता है। इसमें कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को 15 ग्राम पाउडर से तैयार 150 मिलीलीटर दूध और कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को 20 ग्राम पाउडर से तैयार 200 मिलीलीटर दूध दिया जाता है। इस योजना के लिए राज्य निधि से 722 करोड़ रुपये का बजट आवंटित है। आरसीडीएफ द्वारा स्कूलों तक मिल्क पाउडर की आपूर्ति की जाती है।
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नया मॉडल लागू होने से रोजगार घटा
गहलोत ने एक अन्य योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि एक जुलाई से मनरेगा के स्थान पर लागू वीबी-जी राम जी योजना अपने पहले ही महीने में विफल साबित हुई है। जुलाई 2026 में केवल 7.67 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने मनरेगा में 15.33 करोड़ मानव दिवस काम मिला था। इसमें लगभग 50 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। प्रति व्यक्ति खर्च भी 4,494 रुपये से घटकर 4,199 रुपये रह गया है।
योजना की कमियां दूर करने की मांग
गहलोत ने कहा कि फंडिंग अनुपात 90:10 से घटाकर 60:40 करने, मांग आधारित व्यवस्था को आपूर्ति आधारित बनाने और काम के कानूनी अधिकार को खत्म करने से ग्रामीण मजदूरों पर आजीविका का गंभीर संकट मंडरा रहा है। इस वर्ष वर्षा में कमी के कारण अधिक रोजगार की आवश्यकता थी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह इस योजना की कमियों को तुरंत दूर कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करे।