धरना दे रहे कार्यकर्ताओं से समझाइश करते पार्टी कार्यालय प्रभारी मुकेश पारिख
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शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता बुधवार को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के कार्यालय के बाहर धरना देकर अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी उपेन यादव की मनमानी के चलते कार्यकर्ताओं और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विधानसभा क्षेत्र में काम करने वाले अधिकारियों को हटाया जा रहा है और उनकी जगह उपेन यादव के नजदीकी लोगों को तैनात करवाया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह के फैसलों से विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ नगर पालिका के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि प्रशासनिक स्तर पर हो रहे बदलावों का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है और लोगों को अपने काम करवाने में परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी केवल अधिकारियों की नियुक्ति और तबादलों तक सीमित नहीं रही। उनका कहना है कि आगामी निकाय और पंचायती राज चुनाव में उन्हें ही क्षेत्र में जाकर आम जनता से भाजपा के पक्ष में वोट मांगना होगा। ऐसे में यदि क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी गई और स्थानीय स्तर पर मनमानी जारी रही तो चुनाव के दौरान इसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ सकता है।
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धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आज करीब 50 लोग अपनी बात रखने के लिए जयपुर पहुंचे हैं लेकिन यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में 500 से 1000 तक कार्यकर्ता भी प्रदेश मुख्यालय पहुंच सकते हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर पार्टी कार्यालय प्रभारी मुकेश पारिख ने कार्यकर्ताओं से समझाइश की। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से जल्द ही कार्यकर्ताओं की मुलाकात कराई जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी मुख्यालय की गरिमा का ध्यान रखने और प्रदेश अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर धरना नहीं देने की अपील की। हालांकि कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा है कि वे अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि शाहपुरा विधानसभा में चल रही कथित मनमानी को अब ज्यादा समय तक स्वीकार नहीं किया जाएगा।